भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राजस्थान का दबदबा, राजे को उपाध्यक्ष तो पूनिया का कद बढ़ा, राजेश मंगल और मन्नालाल रावत को भी मिली जिम्मेदारी
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राजस्थान का दबदबा, राजे को उपाध्यक्ष तो पूनिया का कद बढ़ा, राजेश मंगल और मन्नालाल रावत को भी मिली जिम्मेदारी भाजपा की राष्ट्रीय टीम में एक साथ कई नेताओं को अहम जिम्मेदारी मिलना राजनीतिक तौर पर…

सौजन्य से:- ETV Bharat
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राजस्थान का दबदबा, राजे को उपाध्यक्ष तो पूनिया का कद बढ़ा, राजेश मंगल और मन्नालाल रावत को भी मिली जिम्मेदारी
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में एक साथ कई नेताओं को अहम जिम्मेदारी मिलना राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Published : August 17, 2026 at 4:33 PM IST
|Updated : August 17, 2026 at 5:20 PM IST
जयपुर : भाजपा की राष्ट्रीय टीम के ऐलान के साथ राजस्थान की सियासत में पार्टी के भीतर प्रदेश के नेताओं का सियासी वजन एक बार फिर सामने आया है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी देकर उनका संगठनात्मक कद बढ़ाया गया है. इसके अलावा राजेश मंगल को राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष और एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद मन्नालाल रावत को भी राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है. वहीं, सुनील बंसल को राष्ट्रीय महामंत्री बरकार रखा है, हालांकि उन्हें दिल्ली के कोटे में डाला है. भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राजस्थान के चार प्रमुख चेहरों को जिम्मेदारी मिलना बताता है कि पार्टी केंद्रीय संगठन में प्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक अहमियत को नजरअंदाज नहीं कर रही है.
राजे, पूनिया का राष्ट्रीय स्तर पर भरोसा बरकरार : राजस्थान के लिहाज से भाजपा की राष्ट्रीय टीम में एक साथ कई नेताओं को अहम जिम्मेदारी मिलना राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खास तौर पर सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया जाना संगठन में उनके बढ़ते प्रभाव का संकेत माना जा रहा है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के तौर पर संगठन को संभाल चुके पूनिया अब राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के लिए बड़ी भूमिका निभाएंगे. राज्यसभा में पहुंचने के बाद उन्हें संगठन की शीर्ष टीम में जगह मिलने से उनका सियासी कद और बढ़ गया है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने से यह संदेश गया है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में उनका महत्व बरकरार है. राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाली राजे पार्टी की सबसे प्रमुख जनाधार वाली नेताओं में रही हैं. राष्ट्रीय संगठन में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी उनके अनुभव को पार्टी के व्यापक राजनीतिक विस्तार में इस्तेमाल करने की रणनीति के तौर पर देखी जा रही है.
राजस्थान को राष्ट्रीय संगठन में प्रतिनिधित्व : राजेश मंगल को राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष बनाए जाने और सांसद मन्नालाल रावत को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने से राजस्थान का प्रतिनिधित्व और मजबूत हुआ है. मन्नालाल रावत पहले से भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका में हैं. आदिवासी राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए राष्ट्रीय संगठन में उनकी मौजूदगी पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है. राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार के दौर में भाजपा संगठन लगातार विस्तार और चुनावी तैयारियों पर फोकस कर रहा है. ऐसे समय राष्ट्रीय टीम में प्रदेश के कई नेताओं को जिम्मेदारी मिलना राज्य संगठन के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है. आने वाले निकाय और पंचायत चुनावों से पहले भाजपा के इन नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर नई भूमिकाएं प्रदेश की राजनीति में भी असर डाल सकती हैं.
सुनील बंसल फिर बने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री : भाजपा ने सुनील बंसल को एक बार फिर राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है. पार्टी की राष्ट्रीय टीम में उन्हें दिल्ली के कोटे से जगह दी गई है. हालांकि, सुनील बंसल का मूल निवास राजस्थान के कोटपूतली में है. संगठन में लंबे अनुभव और मजबूत चुनावी प्रबंधन के लिए पहचान रखने वाले बंसल को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रही हैं. राजस्थान से मूल रूप से जुड़ाव होने के बावजूद इस बार उनका प्रतिनिधित्व दिल्ली के कोटे से होना राजनीतिक तौर पर खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा की केंद्रीय टीम में उनकी भूमिका पार्टी के संगठनात्मक और चुनावी प्रबंधन के लिहाज से अहम रहेगी.
राजस्थान में जन्मा, पढ़ा और अब देशसेवा का अवसर मिला : भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष बनाए जाने के बाद राजेश मंगल ने कहा कि उनका राजस्थान से गहरा जुड़ाव रहा है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में जन्म हुआ, यहीं पढ़ाई की और यहीं मेरा पूरा विकास हुआ. राजस्थान में पार्टी के लिए काम करते हुए अब देशसेवा का अवसर मिला है. मंगल ने कहा कि वे लंबे समय से संगठन के काम से जुड़े रहे हैं और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार नई जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष के तौर पर कोष के बेहतर उपयोग और वित्त से जुड़े निर्णयों में उनकी भूमिका रहेगी. मंगल ने बताया कि वे राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के साथ पहले भी लंबे समय तक काम कर चुके हैं. उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद उन्हें हमेशा मिलता रहा है.
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