राजस्थान में प्रसूताओं की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा लापरवाही नकारी, एक्सपर्ट टीम आज करेगी हाई-लेवल रिव्यू
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में 18 प्रसूताओं की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मेडिकल लापरवाही से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों से अंतिम समय में गंभीर मरीज रेफर होने के कारण यह आंकड़े…

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में 18 प्रसूताओं की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मेडिकल लापरवाही से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों से अंतिम समय में गंभीर मरीज रेफर होने के कारण यह आंकड़े बढ़े हैं।
जयपुर: राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में पिछले कुछ महीनों में हुई प्रसूताओं की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर राज्य के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का बड़ा बयान सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत के पीछे किसी भी तरह की मेडिकल लापरवाही या क्लिनिकल चूक से साफ इनकार किया है। हालांकि, सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर स्वास्थ्य निदेशालय से एक विशेषज्ञ टीम गठित कर जांच के लिए भेजी है।
5 जिलों में 18 मौतें, भिलवाड़ा-बांसवाड़ा में 5 दिन में 9 ने तोड़ा दम
आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने से अब तक प्रदेश के पांच जिलों के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में कुल 18 महिलाओं की मौत हो चुकी है, जिनमें से कई मौतें सिजेरियन डिलीवरी के बाद हुईं। स्थिति तब और चिंताजनक हो गई जब 5 जुलाई से 10 जुलाई के बीच महज पांच दिनों के भीतर भीलवाड़ा और बांसवाड़ा जिलों में 9 प्रसूताओं की जान चली गई। इसी के बाद सरकार तुरंत एक्शन में आई और मामले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए दवाओं की गुणवत्ता की जांच भी शुरू कर दी गई है।
मंत्री की दलील: 'गंभीर हालत में रेफर की जाती हैं प्रसूता'
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि अक्सर निजी अस्पतालों से अत्यधिक रक्तस्राव, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और गंभीर एनीमिया जैसी जटिलताओं वाली हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को अंतिम समय में सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जाता है, जिन्हें बचाने का विशेषज्ञ टीमें पूरा प्रयास करती हैं।
अब तक की जांच में मेडिकल लापरवाही का कोई स्पष्ट तथ्य सामने नहीं आया है। सभी मामलों की जांच स्थापित प्रोटोकॉल के तहत की जा रही है। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी।
गजेंद्र सिंह खींवसर, स्वास्थ्य मंत्री
जयपुर में आज गाइनोकोलॉजिस्ट्स की बड़ी बैठक
सरकार की ओर से भेजी गई स्वास्थ्य निदेशालय की टीम भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में इलाज के रिकॉर्ड, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और डॉक्टरों व नर्सों के बयानों की समीक्षा कर रही है। इसी कड़ी में आज जयपुर में स्त्री रोग विशेषज्ञों की एक हाई-लेवल बैठक होने जा रही है। यह टीम हर एक मौत के तकनीकी कारणों की समीक्षा करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
एमएमआर में सुधार का दावा
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रत्येक मौत को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (2022-24) के आंकड़ों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने दावा किया कि राजस्थान में मातृ मृत्यु दर घटकर 87 प्रति लाख जीवित जन्म रह गई है, जिसमें 15 अंकों की कमी आई है। साथ ही, संस्थागत प्रसव का ग्राफ भी बढ़कर 94.1% हो गया है, जो राष्ट्रीय औसत से 4% अधिक है। बहरहाल, एक्सपर्ट टीम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह साफ हो पाएगी।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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