होम›क्राइम›राजस्थान: बीट पुलिसिंग होगी हाईटेक, पुलिस और बीपीआरएंडडी के बीच एमओयू, नौ जिलों में पहला चरण लागू
क्राइम

राजस्थान: बीट पुलिसिंग होगी हाईटेक, पुलिस और बीपीआरएंडडी के बीच एमओयू, नौ जिलों में पहला चरण लागू

{"_id":"6ac3cf727da26fc2a909e995","slug":"rajasthan-beat-policing-high-tech-bprd-mou-nine-districts-first-phase-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: बीट पुलिसिंग होगी हाईटेक, पुलिस और बीपीआ…

Amar Ujala के अनुसार5 अक्टूबर 2026 को 05:05 pm बजे
राजस्थान: बीट पुलिसिंग होगी हाईटेक, पुलिस और बीपीआरएंडडी के बीच एमओयू, नौ जिलों में पहला चरण लागू

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6ac3cf727da26fc2a909e995","slug":"rajasthan-beat-policing-high-tech-bprd-mou-nine-districts-first-phase-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: बीट पुलिसिंग होगी हाईटेक, पुलिस और बीपीआरएंडडी के बीच एमओयू, नौ जिलों में पहला चरण लागू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

राजस्थान: बीट पुलिसिंग होगी हाईटेक, पुलिस और बीपीआरएंडडी के बीच एमओयू, नौ जिलों में पहला चरण लागू

Mon, 05 Oct 2026 09:55 PM IST

प्रतीक पांडेय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: प्रतीक पांडेय

Updated Mon, 05 Oct 2026 09:55 PM IST

सार

राजस्थान में बीट पुलिसिंग को तकनीक-सक्षम, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरएंडडी) के बीच पुलिस मुख्यालय में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं।

विज्ञापन

विस्तार

बीट पुलिसिंग को लेकर यह कदम डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन 2025 की सिफारिशों के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर तैयार एक वर्षीय कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए उठाया गया है। गोवा के बाद राजस्थान इस प्रकार की पहल करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है।

एमओयू पर राजस्थान पुलिस की ओर से उप महानिरीक्षक (अपराध) दीपक भार्गव और बीपीआरएंडडी की ओर से उप महानिरीक्षक (नेशनल पुलिस मिशन) डॉ. किरण कंग सिद्धू ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और बीपीआरएंडडी के महानिदेशक आलोक मित्तल मौजूद रहे।

हर रेंज से एक जिले का चयन

कार्ययोजना के प्रथम चरण में राज्य की प्रत्येक रेंज से एक-एक जिला चुनकर कुल नौ जिलों में यह नवीन बीट व्यवस्था लागू की जा रही है। इनमें सीकर, जयपुर उत्तर, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, कोटा शहर, डूंगरपुर, चूरू, जैसलमेर और जोधपुर पश्चिम शामिल हैं। इन जिलों के अनुभवों और नवाचारों के आधार पर बाद में पूरे राज्य में इसे विस्तारित किया जाएगा।

विज्ञापन

इस नई व्यवस्था में बीट संरचना को जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, अपराध की स्थिति और शहरी-ग्रामीण क्षेत्र के अनुसार पुनर्गठित किया जाएगा। बीट स्तर पर हॉटस्पॉट, संवेदनशील क्षेत्रों और महत्वपूर्ण संस्थानों को चिह्नित करके जियो-मैप्ड बीट प्रोफाइल तैयार होंगे। एमओयू के तहत बीपीआरएंडडी मुख्य क्रियान्वयन ढांचा, प्रशिक्षण सामग्री, मॉडल प्रारूप, समीक्षा उपकरण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेगा। वहीं मैदानी व्यवस्था, संसाधन, मानव बल, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय आदेशों का दायित्व राजस्थान पुलिस का होगा।

डिजिटल बीट प्रणाली और तकनीकी एकीकरण

तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राजकॉप ई-बीट बुक की क्षमताओं का विस्तार किया जा रहा है। बीट पुलिसिंग की निगरानी और सूचनाओं के अद्यतन के लिए जीपीएस, जियो-टैगिंग, क्यूआर कोड, डिजिटल दस्तावेजीकरण और डैशबोर्ड का प्रयोग होगा। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बीट पुलिसिंग को पुलिस और जनता के बीच मुख्य संपर्क बिंदु बताते हुए चंडीगढ़ की बीट बुक व्यवस्था को अपनाने की बात कही।

बीपीआरएंडडी के महानिदेशक आलोक मित्तल ने बीट को पुलिस व्यवस्था का मूल आधार बताते हुए राजस्थान पुलिस के बीट क्लस्टर मॉडल की सराहना की। इस तकनीक-सक्षम प्रणाली से बीट बुक, विलेज क्राइम नोट बुक, डिजिटल बीट प्रोफाइल और हॉटस्पॉट मैपिंग के जरिये सूचनाओं के प्रामाणिक संग्रह और उपयोग को मजबूती मिलेगी।

सामुदायिक सहभागिता और प्रशिक्षण ढांचा

बीट प्रणाली में जनसहभागिता बढ़ाने के लिए कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (सीएलजी), पुलिस मित्र और अन्य सामुदायिक माध्यमों को सक्रिय किया जाएगा। आमजन और पुलिस के बीच निरंतर संवाद के लिए 'नो योर बीट ऑफिसर' अभियान चलेगा। इसके तहत विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और संवेदनशील वर्गों से विशेष संवाद स्थापित किया जाएगा।

कार्यों की प्रभावशीलता की जांच की-परफॉर्मर इंडिकेटर (केपीआई) के आधार पर होगी और थाना, जिला तथा राज्य स्तर पर संरचित रिपोर्टिंग व्यवस्था बनेगी। पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर को नोडल प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया है। यह अकादमी कैस्केड प्रशिक्षण, रिफ्रेशर कोर्स और सॉफ्ट स्किल्स संबंधी प्रशिक्षण आयोजित करेगी।

विज्ञापन

एमओयू पर राजस्थान पुलिस की ओर से उप महानिरीक्षक (अपराध) दीपक भार्गव और बीपीआरएंडडी की ओर से उप महानिरीक्षक (नेशनल पुलिस मिशन) डॉ. किरण कंग सिद्धू ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और बीपीआरएंडडी के महानिदेशक आलोक मित्तल मौजूद रहे।

विज्ञापन

हर रेंज से एक जिले का चयन

कार्ययोजना के प्रथम चरण में राज्य की प्रत्येक रेंज से एक-एक जिला चुनकर कुल नौ जिलों में यह नवीन बीट व्यवस्था लागू की जा रही है। इनमें सीकर, जयपुर उत्तर, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, कोटा शहर, डूंगरपुर, चूरू, जैसलमेर और जोधपुर पश्चिम शामिल हैं। इन जिलों के अनुभवों और नवाचारों के आधार पर बाद में पूरे राज्य में इसे विस्तारित किया जाएगा।

विज्ञापन

इस नई व्यवस्था में बीट संरचना को जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, अपराध की स्थिति और शहरी-ग्रामीण क्षेत्र के अनुसार पुनर्गठित किया जाएगा। बीट स्तर पर हॉटस्पॉट, संवेदनशील क्षेत्रों और महत्वपूर्ण संस्थानों को चिह्नित करके जियो-मैप्ड बीट प्रोफाइल तैयार होंगे। एमओयू के तहत बीपीआरएंडडी मुख्य क्रियान्वयन ढांचा, प्रशिक्षण सामग्री, मॉडल प्रारूप, समीक्षा उपकरण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेगा। वहीं मैदानी व्यवस्था, संसाधन, मानव बल, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय आदेशों का दायित्व राजस्थान पुलिस का होगा।

डिजिटल बीट प्रणाली और तकनीकी एकीकरण

तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राजकॉप ई-बीट बुक की क्षमताओं का विस्तार किया जा रहा है। बीट पुलिसिंग की निगरानी और सूचनाओं के अद्यतन के लिए जीपीएस, जियो-टैगिंग, क्यूआर कोड, डिजिटल दस्तावेजीकरण और डैशबोर्ड का प्रयोग होगा। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बीट पुलिसिंग को पुलिस और जनता के बीच मुख्य संपर्क बिंदु बताते हुए चंडीगढ़ की बीट बुक व्यवस्था को अपनाने की बात कही।

बीपीआरएंडडी के महानिदेशक आलोक मित्तल ने बीट को पुलिस व्यवस्था का मूल आधार बताते हुए राजस्थान पुलिस के बीट क्लस्टर मॉडल की सराहना की। इस तकनीक-सक्षम प्रणाली से बीट बुक, विलेज क्राइम नोट बुक, डिजिटल बीट प्रोफाइल और हॉटस्पॉट मैपिंग के जरिये सूचनाओं के प्रामाणिक संग्रह और उपयोग को मजबूती मिलेगी।

सामुदायिक सहभागिता और प्रशिक्षण ढांचा

बीट प्रणाली में जनसहभागिता बढ़ाने के लिए कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (सीएलजी), पुलिस मित्र और अन्य सामुदायिक माध्यमों को सक्रिय किया जाएगा। आमजन और पुलिस के बीच निरंतर संवाद के लिए 'नो योर बीट ऑफिसर' अभियान चलेगा। इसके तहत विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और संवेदनशील वर्गों से विशेष संवाद स्थापित किया जाएगा।

कार्यों की प्रभावशीलता की जांच की-परफॉर्मर इंडिकेटर (केपीआई) के आधार पर होगी और थाना, जिला तथा राज्य स्तर पर संरचित रिपोर्टिंग व्यवस्था बनेगी। पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर को नोडल प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया है। यह अकादमी कैस्केड प्रशिक्षण, रिफ्रेशर कोर्स और सॉफ्ट स्किल्स संबंधी प्रशिक्षण आयोजित करेगी।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें