जयपुर छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग, राजस्थान यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन... पुलिस और छात्रों में हल्की झड़प, देखिए खास रिपोर्ट
जयपुरः राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर उस समय माहौल गरमा गया, जब छात्रनेता नीरज खीचड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्रित होकर प्रदर्शन कर…

सौजन्य से:- First India News
जयपुरः राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर उस समय माहौल गरमा गया, जब छात्रनेता नीरज खीचड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्रित होकर प्रदर्शन करने पहुंचे. प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने छात्रनेता नीरज खीचड़ सहित पांच छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया. पूरे घटनाक्रम के चलते विश्वविद्यालय परिसर और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया.
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पकडने लगी जोर
छात्रनेता नीरज खीचड के नेतृत्व में प्रदर्शन
पुलिस से हल्की झडप के बाद छात्रनेता सहित अन्य छात्र हिरासत में
छात्रनेता नीरज खीचड ने दी सरकार को चेतावनी
20 तारीख तक चुनाब बहाली की सरकार करे घोषणा
नहीं तो 20 तारीख को विधानसभा का करेंगे घेराव
राजस्थान विश्वविद्यालय में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे छात्रों का आक्रोश आज यूनिवर्सिटी कैंपस में दिखाई दिया. छात्रनेता नीरज खीचड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग उठाई.छात्रों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज होता गया, पुलिस ने एहतियातन विश्वविद्यालय के दोनों मुख्य द्वार बंद कर दिए, ताकि प्रदर्शन विश्वविद्यालय परिसर से बाहर न फैल सके.प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं का कहना था कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज का सबसे बड़ा मंच है और लगातार चुनाव नहीं कराए जाने से विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. इसी मांग को लेकर छात्र मुख्य द्वार पर डटे रहे और सरकार से जल्द घोषणा करने की मांग करते रहे.इस दौरान एक बार छात्र विश्वविद्यालय से निकलकर संविधान पार्क की ओर चले गए, लेकिन कुछ समय बाद फिर से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर लौट आए. इसके बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया. जब छात्र मुख्य द्वार से बाहर निकलने लगे तो पुलिस और छात्रों के बीच बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और हल्की झड़प की स्थिति बन गई.
पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को वहां से हटाने का प्रयास किया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया. इसी कार्रवाई के दौरान छात्रसंघ चुनाव बहाली आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्रनेता नीरज खीचड़ सहित पांच छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. हिरासत की सूचना मिलते ही कई छात्रों में रोष भी देखने को मिला और उन्होंने सरकार तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.हिरासत में लिए जाने से पहले छात्रनेता नीरज खीचड़ ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव किसी भी कीमत पर बहाल कराने के लिए आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार 20 तारीख से पहले छात्रसंघ चुनाव बहाली की घोषणा नहीं करती है तो 20 तारीख को विधानसभा का घेराव किया जाएगा. उनका कहना था कि छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती.इस पूरे घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. पुलिस बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. वहीं छात्र संगठनों ने भी संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा.
राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर हुआ यह प्रदर्शन केवल छात्रसंघ चुनाव की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह छात्रों के बढ़ते असंतोष और लोकतांत्रिक भागीदारी की आवाज के रूप में भी सामने आया. अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि छात्र साफ कह चुके हैं कि चुनाव बहाली नहीं हुई तो आंदोलन विश्वविद्यालय की चौखट से निकलकर विधानसभा तक पहुंचेगा.
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