पुलिस मुख्यालय की पहल: विधि विद्यार्थी पुलिस का करेंगे सहयोग, एसओजी, एससीआरबी, अपराध व साइबर शाखाओं में प्रशिक्षण का मौका
पुलिस मुख्यालय की पहल: विधि विद्यार्थी पुलिस का करेंगे सहयोग, एसओजी, एससीआरबी, अपराध व साइबर शाखाओं में प्रशिक्षण का मौका पुलिस मुख्यालय ने उच्च स्तरीय अकादमिक प्रतिभाओं के लिए ‘राजस्थान पुलिस प्रशिक्षुता योजना‘ प्रारंभ…

सौजन्य से:- ETV Bharat
पुलिस मुख्यालय की पहल: विधि विद्यार्थी पुलिस का करेंगे सहयोग, एसओजी, एससीआरबी, अपराध व साइबर शाखाओं में प्रशिक्षण का मौका
पुलिस मुख्यालय ने उच्च स्तरीय अकादमिक प्रतिभाओं के लिए ‘राजस्थान पुलिस प्रशिक्षुता योजना‘ प्रारंभ की है.
Published : August 12, 2026 at 4:00 PM IST
जयपुर: देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में विधि स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थी अब राजस्थान पुलिस में प्रशिक्षु के रूप में जुड़ सकेंगे. इन्हें पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, इकाइयों, ब्यूरो और क्षेत्रीय इकाइयों में पुलिस कार्यों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा. प्रशिक्षु अपनी दक्षता से प्रभावी पुलिसिंग, आपराधिक न्याय प्रणाली, फोरेंसिक विज्ञान, साइबर कानून और सम्बद्ध कानूनी विषयों में नीति विश्लेषण, डेटा संग्रह और अनुसंधान की प्रक्रियाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और पुलिस का सहयोग कर सकेंगे. डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय ने उच्च स्तरीय अकादमिक प्रतिभाओं के लिए ‘राजस्थान पुलिस प्रशिक्षुता योजना‘ प्रारंभ की है. योजना के लिए प्रतिभाओं से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं.
डेटा विश्लेषण, शोध और रिपोर्ट लेखन में लेंगे मदद: एडीजी (अपराध शाखा) बिपिन कुमार पाण्डेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार चयनित प्रशिक्षुओं का अपराध शाखा, एससीआरबी, एसओजी, यातायात, साइबर अपराध, विधि शाखा, आधुनिकीकरण एवं अन्य इकाइयों के कानूनी शोध, डेटा विश्लेषण और रिपोर्ट लेखन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग लिया जाएगा. प्रशिक्षुता पूर्णतः अवैतनिक आधार पर होगी. इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं के करियर और भविष्य के हितों में मजबूत विधिक अनुभव प्रदान करना है.
स्नातक स्तर के लिए आवेदन की योग्यता: राजस्थान पुलिस प्रशिक्षुता योजना में आवेदन के लिए उम्मीदवारों के 12वीं कक्षा में 60 प्रतिशत या समकक्ष अंक होना अनिवार्य है. इसके अलावा 3 वर्षीय एलएलबी विद्यार्थी, जो वर्तमान में अंतिम वर्ष (5वें या छठे सेमेस्टर) में पढ़ रहे हों और पिछले सभी सेमेस्टरों में कुल मिलाकर कम से कम 60 प्रतिशत या समकक्ष अंक प्राप्त हों. साथ ही, 5 वर्षीय एकीकृत कानून विद्यार्थी (बीए एलएलबी/बीबीए एलएलबी/बी.कॉम एलएलबी आदि), जो वर्तमान में अंतिम वर्ष (9वें या 10वें सेमेस्टर) में अध्ययनरत हों तथा पिछले सभी सेमेस्टरों में कुल 60 प्रतिशत या समकक्ष अंक प्राप्त हों.
स्नातकोत्तर स्तर के किए आवेदन की योग्यता: स्नातकोत्तर (एलएलएम/पीएचडी), एलएलएम के प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा दे चुके विद्यार्थी तथा कानून में पीएचडी कर रहे शोधार्थी भी आवेदन के लिए पात्र होंगे. स्नातक (एलएलबी या एकीकृत कानून डिग्री) में कम से कम 60 या समकक्ष अंक प्राप्त होने चाहिए. हाल ही में विधि स्नातक करने वाले अभ्यार्थियों और बार काउंसिल नामांकन या उच्च अध्ययन की प्रतीक्षा कर रहे हैं. उनके आवेदनों पर भी विचार किया जाएगा.
अधिकतम तीन महीने की होगी इंटर्नशिप: इस योजना के तहत इंटर्नशिप की न्यूनतम अवधि 45 दिन और अधिकतम अवधि 03 महीने तक हो सकती है. कार्य अनुभव प्रमाण पत्र के लिए पूरी अवधि में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी. चयनितों को अपना लैपटॉप खुद लाना होगा. पुलिस मुख्यालय द्वारा कार्यस्थल, इंटरनेट सुविधा और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी. यह योजना पूरे साल खुली रहेगी. इच्छुक उम्मीदवार राजकॉप सिटीजन एप के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
जानिए कब कर सकते हैं आवेदन: विस्तृत जानकारी राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर पर नागरिक सेवाओं के अंतर्गत उपलब्ध है. इस योजना में जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर के बैच के लिए क्रमशः दिसंबर, मार्च, जून व सितंबर में आवेदन भरे जा सकेंगे. निर्धारित समय और नियमों के तहत इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरा करने और संबंधित विंग प्रमुख को अपनी संक्षिप्त रिपोर्ट या शोध पत्र सौंपने के बाद, राजस्थान पुलिस की प्रशिक्षण शाखा द्वारा सभी सफल उम्मीदवारों को आधिकारिक अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा. जो उनके विधिक एवं न्यायिक करिअर में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा.
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