कौन हैं राजस्थान यूनिवर्सिटी के नए कुलगुरू डॉ. भगवती प्रसाद, जिन्हें विपक्ष ने बनाया निशाना, आए चर्चा में
, Rajasthan University ke naye VC kaun hei : राजस्थान विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत को राज्यपाल ने नियुक्त किया है। उन्होंने पहले एमडीएस विश्वविद्यालय में 32 साल तक काम किया और कोटा विश्वविद्यालय क…

सौजन्य से:- Navbharat Times
, Rajasthan University ke naye VC kaun hei : राजस्थान विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत को राज्यपाल ने नियुक्त किया है। उन्होंने पहले एमडीएस विश्वविद्यालय में 32 साल तक काम किया और कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु रह चुके हैं।
जयपुर: राजस्थान के तीन विश्वविद्यालय में हाल ही में नए कुलगुरु नियुक्त किए गए हैं। इस संबंध में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने नियुक्ति आदेश जारी किए। प्रदेश के सबसे बड़े राजस्थान विश्वविद्यालय का नया कुलगुरु डॉ. भगवती प्रसाद शर्मा को बनाया गया है। निवर्तमान कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा शनिवार 26 सितंबर को सेवानिवृत्त हो गई हैं। उनकी विदाई को बाद शाम 4 बजे नए कुलगुरु पदभार ग्रहण करेंगे।
49 साल पहले छात्र थे, अब बने कुलगुरु
डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत आज से 49 साल पहले राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र थे। वर्ष 1977 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय में बीकॉम प्रथम वर्ष के रूप में एडमिशन लिया था। वर्ष 1981 में कॉमर्स विषय में उन्होंने प्रदेश में टॉप किया और गोल्ड मेडल जीता। बीकॉम के बाद उन्होंने यहीं से एमकॉम और पीएचडी की। अब उन्हें इसी विश्वविद्यालय में कुलगुरु बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।
एमडीएस यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ सफर
राजस्थान विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर में प्रोफेसर बने। करीब 32 साल तक उन्होंने एमडीएस यूनिवर्सिटी में सेवाएं दी। इस दौरान वे एमडीएस यूनिवर्सिटी में वाणिज्य संकाय के डीन रहे। वहां से सेवानिवृत्त होने के कुछ समय बाद राज्य सरकार ने उन्हें कोटा विश्वविद्यालय का कुलगुरु नियुक्त किया। आज शनिवार 26 सितंबर को वे कोटा विश्वविद्यालय से विदाई ले रहे हैं और शाम को राजस्थान विश्वविद्यालय में कुलगुरु का पदभार ग्रहण करेंगे।
लेखक के रूप में विख्यात
राजस्थान विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत शिक्षक के साथ विख्यात लेखक के रूप में भी जाने जाते हैं। अर्थशास्त्र और प्रबंधन के विषयों पर उन्होंने 10 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। साथ ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करीब 20 शोध पत्र भी प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा वे भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी रह चुके हैं।
छात्र जीवन में एबीवीपी से जुड़े रहे
छात्र जीवन में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। कॉलेज के दिनों में वे एबीवीपी के कार्यक्रमों में काफी सक्रिय रहे। उन दिनों उनका रुझान राजनीति की ओर नहीं था। एबीवीपी में होते हुए भी उन्होंने कभी छात्रसंघ का चुनाव नहीं लड़ा। वे पढाई में आगे बढ़ने का सपना पाले हुए थे जिसे उन्होंने साकार भी किया। एबीवीपी के बाद वे भाजपा से भी जुड़े रहे और भाजपा अजमेर देहात के जिला अध्यक्ष भी रहे। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने टिकट की दावेदारी भी की लेकिन टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने चुनाव लड़ने की इच्छा त्याग दी और पार्टी में सक्रिय रहे।
विपक्ष डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत बनाए जाने से नाराज
उधर, विपक्ष ने डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत की छात्र राजनीति से लेकर मौजूदा राजनीतिक में सक्रियता को मुद्दा बनाया है। डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय का नया कुलगुरु (वीसी) बनाए जाने पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस नियुक्ति पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार शिक्षा के शीर्ष संस्थानों का राजनीतिकरण करने पर आमादा है। डोटासरा का आरोप है कि आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को योग्यता के बजाय विचारधारा के आधार पर विश्वविद्यालय के शीर्ष पदों पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा की स्वायत्तता और गुणवत्ता पर हमला करार दिया। हालांकि इस पूरे मुद्दे पर बीजेपी और नए कुलगुरू की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

जयपुर में 60 मकान-दुकानों पर चला JDA का बुलडोजर

1.7K views | राजस्थान के Jaipur में Kalam Coaching Centre के बाहर आज छात्रों ने भारी हंगामा और Protest किया। आरोप है कि एक Teacher ने Student के साथ मारपीट की, जिसके बाद नाराज छात्रों ने महेश नगर में सड़क पर उतरकर Road Blockade कर दिया। महेश नगर पुलिस स्टेशन के SHO Hawa Singh ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और जांच का आश्वासन दिया. #ZeeBusiness #jaipurnews #kalamcoaching #StudentProtest #RajasthanNews | Zee Business

Rajasthan: JDA launches anti-encroachment drive on New Sanganer Road, traffic diverted


