गहलोत का दावा: 'राजस्थान में अभी से कांग्रेस के पक्ष में माहौल, सरकार नाकारा और निकम्मी'
गहलोत का दावा: 'राजस्थान में अभी से कांग्रेस के पक्ष में माहौल, सरकार नाकारा और निकम्मी' पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल किया कि सरकार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है. Published : August 11,…

सौजन्य से:- ETV Bharat
गहलोत का दावा: 'राजस्थान में अभी से कांग्रेस के पक्ष में माहौल, सरकार नाकारा और निकम्मी'
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल किया कि सरकार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है.
Published : August 11, 2026 at 9:58 PM IST
जयपुर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया है कि राजस्थान में अभी से कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनना शुरू हो गया है. आमतौर पर चुनाव से करीब डेढ़-दो साल पहले राजनीतिक माहौल बनता है, लेकिन इस बार सरकार बनने के कुछ समय बाद ही जनता में सरकार के प्रति नाराजगी दिखाई देने लगी है. गहलोत ने मंगलवार शाम अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए भजनलाल सरकार को 'नाकारा और निकम्मी' करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कामकाज से आम जनता परेशान है और भ्रष्टाचार के कारण लोगों को अपने छोटे-बड़े काम करवाने के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
'गांव से लेकर जिलों तक जनता परेशान': पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गांवों से लेकर जिलों तक लोगों के व्यक्तिगत और विकास से जुड़े काम नहीं हो रहे हैं आम लोगों के बीच ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि बिना पैसे दिए काम करवाना मुश्किल हो गया है. गहलोत ने कहा कि अब जनता के बीच यह धारणा बनने लगी है कि मौजूदा सरकार काम करने में सक्षम नहीं है. उन्होंने दावा किया कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस जनता के बीच जाएगी और सरकार की नाकामियों को मुद्दा बनाएगी.
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OBC आयोग की रिपोर्ट पर सरकार को घेरा: गहलोत ने सवाल उठाया कि सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया. रिपोर्ट को लेकर जनता के बीच असमंजस की स्थिति है. सरकार को जातिगत आंकड़ों तथा ओबीसी की वास्तविक आबादी से जुड़े तथ्यों को सामने रखना चाहिए. गहलोत ने ओबीसी समाज की आबादी और उसके सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़ों को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की. वहीं, उन्होंने डांगावास मामले पर कहा कि उस घटना में जिन 6 लोगों की मौत हुई वे सभी मृतक दलित समाज से थे. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए.
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'झारखंड में बातचीत से समाधान निकाले सरकार': झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर गहलोत ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ बातचीत करने और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए निकालने की अपील की. वहीं, गहलोत ने कहा कि पहले मंत्री प्रश्नकाल को लेकर बेहद गंभीर रहते थे और समय पर सदन में पहुंचते थे. यदि कोई मंत्री कुछ मिनट भी लेट होता था, तो वह दौड़कर सदन में पहुंचता था, क्योंकि प्रश्नकाल को लोकतंत्र में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता था. गहलोत ने आरोप लगाया कि आज प्रधानमंत्री और मंत्री तक संसद में समय नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण प्रश्नकाल प्रभावित हो रहा है.
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परिसीमन को बताया खतरनाक खेल: पूर्व मुख्यमंत्री ने परिसीमन को 'खतरनाक खेल’ बताते हुए कहा कि इसके जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए. गहलोत ने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं. यदि इसी तरह की प्रक्रिया पूरे देश में लागू की गई, तो इसका असर भविष्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए जहां चुनाव और लोकतांत्रिक संस्थाएं केवल औपचारिकता बनकर रह जाएं. गहलोत ने चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को लोकतंत्र की मजबूती के रास्ते पर ही आगे बढ़ना चाहिए.
'लोकतंत्र को कमजोर करना आसान नहीं': गहलोत ने हाल के छात्र आंदोलनों और राहुल गांधी के समर्थन में युवाओं के सड़कों पर उतरने को लेकर कहा कि इससे उन्हें नई उम्मीद मिली है. उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी अब जाग रही है और अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठा रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन कर रहे हैं. युवाओं में लोकतंत्र को लेकर बढ़ती जागरूकता आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक बदलाव ला सकती है.
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