NIKAY CHUNAV 2026 : जयपुर में निषेधाज्ञा लागू , हथियार और राजनीतिक जुलूस पर रोक , जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश
NIKAY CHUNAV 2026 : जयपुर में निषेधाज्ञा लागू , हथियार और राजनीतिक जुलूस पर रोक , जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही कलेक्टर संदेश नायक ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है. Published : August 20, 202…

सौजन्य से:- ETV Bharat
NIKAY CHUNAV 2026 : जयपुर में निषेधाज्ञा लागू , हथियार और राजनीतिक जुलूस पर रोक , जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश
निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही कलेक्टर संदेश नायक ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है.
Published : August 20, 2026 at 6:51 AM IST
जयपुर : नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. जयपुर जिला मजिस्ट्रेट संदेश नायक ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. आदेश आगामी आदेश तक लागू रहेगा.
यह निषेधाज्ञा जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र को छोड़कर जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक क्षेत्र में लागू होगी. चुनाव प्रक्रिया के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए प्रशासन ने कई तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए हैं.
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बिना अनुमति सभा-जुलूस और धरने पर रोक : आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी व्यक्ति के हथियार, घातक हथियार या लाठी लेकर चलने पर रोक रहेगी. चुनाव के दौरान तनाव या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन ने यह प्रतिबंध लगाया है. इसके अलावा राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. बिना सक्षम अनुमति के राजनीतिक जुलूस, सभा, धरना और भाषण आयोजित नहीं किए जा सकेंगे. इसी तरह बिना अनुमति लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि प्रसारण यंत्रों का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा. प्रशासन की अनुमति के बिना चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी, जिनसे यातायात या आमजन की आवाजाही प्रभावित हो.
धार्मिक और जातीय द्वेष फैलाने वाली सामग्री पर सख्ती : चुनाव के दौरान धार्मिक उन्माद और जातीय द्वेष फैलाने वाले भाषण, नारे और प्रचार सामग्री पर भी प्रतिबंध रहेगा. प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं. फेसबुक, एक्स, व्हाट्सऐप और यूट्यूब सहित सोशल मीडिया माध्यमों पर धार्मिक उन्माद, सांप्रदायिक तनाव या जातिगत द्वेष फैलाने वाली सामग्री के प्रसार पर रोक रहेगी. आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री के जरिए माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी.
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सार्वजनिक संपत्तियों के विरूपण पर रोक : आदेश के तहत सार्वजनिक संपत्तियों पर नारे लिखने, पोस्टर चिपकाने, होर्डिंग लगाने या किसी भी अन्य तरीके से सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित करने पर भी प्रतिबंध रहेगा. चुनाव प्रचार के नाम पर सरकारी या सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने या उनका स्वरूप बिगाड़ने की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन भी प्रतिबंधित किया है. इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया के दौरान घोषित ड्राई डे पर शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी. प्रशासन का मकसद चुनाव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.
चुनाव प्रचार वाहनों और धार्मिक स्थलों को लेकर भी निर्देश : चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों से यातायात बाधित करने पर भी रोक रहेगी. प्रचार वाहनों को इस तरह खड़ा या संचालित नहीं किया जा सकेगा, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो. इसके अलावा धार्मिक स्थलों और चिकित्सा संस्थानों को चुनाव प्रचार के मंच के रूप में इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इन स्थानों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने चुनाव प्रचार से अलग रखने के निर्देश दिए हैं.
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मतदान केंद्रों के आसपास प्रचार सामग्री पर रोक : मतदान केंद्रों के आसपास भी चुनाव प्रचार से संबंधित गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा. मतदान केंद्र के आसपास पोस्टर, झंडे, चुनाव चिह्न अथवा विज्ञापन सामग्री का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा. इसका उद्देश्य मतदान के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को रोकना और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है.
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी.चुनाव प्रक्रिया के दौरान शांति, कानून-व्यवस्था और निष्पक्ष माहौल बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आमजन, राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
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