पेपर लीक के खिलाफ युवाओं का स्वाभाविक भावनात्मक विरोध - भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की मांग
राजस्थान में NSUI के राष्ट्रीय स्तर पर 'रन अगेंस्ट पेपर लीक' मैराथन ने हजारों युवाओं को सड़क पर उतरने के लिए प्रेरित किया, जिन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेशी और समयबद्धता की मांग की।

सौजन्य से:- ETV Bharat
पेपर लीक के खिलाफ जयपुर में दौड़े युवा, NSUI की 'रन अगेंस्ट पेपर लीक' मैराथन में उमड़ा छात्रों का सैलाब, उठी पारदर्शी भर्ती की मांग
दौड़ में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के साथ नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक मनीष यादव और विधायक शिखा मील बराला भी मौजूद रहीं.
Published : July 13, 2026 at 10:46 AM IST
जयपुर: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों के विरोध में सोमवार को राजधानी जयपुर में हजारों छात्रों और युवाओं ने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की. राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत 'Run Against Paper Leak' नाम से 5 किलोमीटर मैराथन का आयोजन किया. इस दौरान छात्रों ने पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं की मांग करते हुए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई.
राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से शुरू हुई मैराथन दौड़ अल्बर्ट हॉल तक पहुंची और वहां से वापस राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर आकर संपन्न हुई. पूरे मार्ग में छात्र-छात्राएं, युवा और NSUI कार्यकर्ता हाथों में बैनर और संदेश लिखी तख्तियां लेकर दौड़ते नजर आए. प्रतिभागियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई. इस दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के साथ नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक मनीष यादव और विधायक शिखा मील बराला भी मौजूद रहीं.
#WATCH जयपुर: NSUI ने पेपर लीक के खिलाफ दौड़ का आयोजन किया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 13, 2026
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, " पूरे देश में छात्रों के मन में पेपर लीक को लेकर आक्रोश है। छात्र इतने सालों तक मेहनत करते हैं और फिर उनकी मेहनत का फल कोई और ले जाता है। अभी तक 22 छात्र… pic.twitter.com/M3rJUWAp5F
पढ़ें: जितेंद्र सिंह बोले, 'पेपर लीक माफिया के आगे सिस्टम लाचार', जूली ने सरकार पर लगाए ये आरोप
मैराथन में पहुंचे युवाओं को संबोधित करते हुए विनोद जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों-करोड़ों युवाओं के सपनों को तोड़ा है. छात्र वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है. उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और देश की प्रतिभा के साथ अन्याय है. NSUI छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी और जब तक भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
यह भी पढ़ें: जूली का आरोप, 'नीट पेपर राजस्थान में लीक हुआ, सरकार ने 9 दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं की'
छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भी उठाएंगे मुद्दा: उन्होंने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को यह संदेश देना है कि युवा अब अपने भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे. भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. कार्यक्रम के समापन पर मैराथन के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया. साथ ही आने वाले दिनों में भी 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का संकल्प लिया गया.
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