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Operation Divya Prahar: नशे की काली कमाई बचाने को फर्जीवाड़ा, राजस्थान एवं एमपी की मंडियों के पेश किए फर्जी बिल, धरा गया

Operation Divya Prahar: नशे की काली कमाई बचाने को फर्जीवाड़ा, राजस्थान एवं एमपी की मंडियों के पेश किए फर्जी बिल, धरा गया मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी ने अपनी 48 लाख की अवैध कमाई को वैध बनाने को कूटरचित दस्तावेज किए तैयार.…

ETV Bharat के अनुसार2 अक्टूबर 2026 को 12:05 am बजे
Operation Divya Prahar: नशे की काली कमाई बचाने को फर्जीवाड़ा, राजस्थान एवं एमपी की मंडियों के पेश किए फर्जी बिल, धरा गया

सौजन्य से:- ETV Bharat

Operation Divya Prahar: नशे की काली कमाई बचाने को फर्जीवाड़ा, राजस्थान एवं एमपी की मंडियों के पेश किए फर्जी बिल, धरा गया

मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी ने अपनी 48 लाख की अवैध कमाई को वैध बनाने को कूटरचित दस्तावेज किए तैयार.

Published : September 30, 2026 at 1:17 PM IST

झालावाड़: जिले की घाटोली पुलिस ने नशा तस्कर के आरोपी को गिरफ्तार किया. उसने अपनी काली कमाई से अर्जित संपत्ति को वैध आय से ठहराने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लिए. आरोपी की संपत्ति की जांच की तो पुलिस कमाई के दस्तावेज देख भौचक्की रह गई. आरोपी ने अपनी कमाई के साधन के रूप में अलग-अलग फसल मंडियों के फर्जी व कूटरचित फसल बिक्री बिल पेश कर दिए ताकि उसकी करीब 48 लाख रुपए की आमदनी जायज लगे.

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिला पुलिस का नशा तस्करों के खिलाफ ऑपरेशन दिव्य प्रहार जारी है. इसके तहत पुलिस नशा तस्करों के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला रही है. काली कमाई से खड़े साम्राज्य को फ्रीज किया जा रहा है. इसी क्रम में घाटोली थाना क्षेत्र के बंजारी मोहल्ला घाटोली निवासी नशा तस्कर हेमराज तंवर की करीब 48 लाख रुपए की प्रॉपर्टी फ्रीज की जानी थी. पुलिस ने आरोपी की काली कमाई की जानकारी निकाली तो उसने संपत्ति बचाने के लिए कमाई के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लिए. आरोपी ने अलग-अलग फसल मंडियों के फर्जी व कूटरचित फसल बिक्री बिल पेश कर दिए.

बिक्री के बिल फर्जी मिले: एसपी अमित ने बताया कि पुलिस ने संबंधित मंडियों से रिकॉर्ड जुटाकर जांच की तो आरोपी हेमराज के कूटरचित दस्तावेजों की पोल खुल गई. पुलिस को बिक्री के बिल फर्जी मिले. इसके बाद गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई तेज की. एसआई सत्यनारायण शर्मा की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया.

राजस्थान व एमपी की मंडियों से जुड़े फर्जीवाड़े के तार: पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूछताछ में आरोपी हेमराज ने कबूला कि संपत्ति फ्रीज होने से बचाने के लिए उसने भानुपूरा मंडी, झालरापाटन, कोटा, रामगंजमंडी, मंदसौर, नीमच, राजगढ़ और जीरापुर सहित विभिन्न कृषि मंडियों के फर्जी फसल बिक्री दस्तावेज तैयार कर पेश किए थे. इन दस्तावेजों के जरिए वह संपत्ति को वैध आय से अर्जित बताने की कोशिश कर रहा था. पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है. आरोपी के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं. इनमें एनडीपीएस एक्ट मामले भी हैं. पुलिस के अनुसार मामले में धोखाधड़ी से जुड़े गिरोह के संबंध में अनुसंधान जारी है.

पढ़ें:ऑपरेशन दिव्य प्रहार : नशा माफियाओं की करोड़ों की संपत्तियां स्थायी फ्रीज

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