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Rajasthan: फर्जी कॉल सेंटर पर सीएसटी का बड़ा छापा, ई-मित्र के नाम पर नौकरी का झांसा, लाखों की ठगी का खुलासा

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Amar Ujala के अनुसार31 जुलाई 2026 को 07:15 pm बजे
Rajasthan: फर्जी कॉल सेंटर पर सीएसटी का बड़ा छापा, ई-मित्र के नाम पर नौकरी का झांसा, लाखों की ठगी का खुलासा

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Rajasthan: फर्जी कॉल सेंटर पर सीएसटी का बड़ा छापा, ई-मित्र के नाम पर नौकरी का झांसा, लाखों की ठगी का खुलासा

Fri, 31 Jul 2026 08:47 PM IST

जयपुर ब्यूरो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: जयपुर ब्यूरो

Updated Fri, 31 Jul 2026 08:47 PM IST

सार

Rajasthan News: जयपुर पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर संचालक समेत 11 लोगों को डिटेन किया है। आरोपी ई-मित्र आईडी और रोजगार दिलाने के नाम पर युवाओं से 40 से 70 हजार रुपये तक वसूलकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

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विस्तार

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की सीएसटी टीम ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जवाहर नगर थाना क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी स्थित रॉयल अपार्टमेंट में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर संचालक सलमान सहित कुल 11 युवक-युवतियों को डिटेन किया। कार्रवाई के दौरान 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। मामले की जांच जारी है।

सूचना के आधार पर मारी गई रेड

पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के निर्देशन और विशेष पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश के सुपरविजन में चलाए गए अभियान के दौरान सीएसटी टीम ने सूचना के आधार पर तीसरी मंजिल पर संचालित कॉल सेंटर पर दबिश दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों के लोगों को ई-मित्र आईडी उपलब्ध कराने और ई-मित्र के माध्यम से रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे।

40 से 70 हजार रुपये तक की वसूली

उपायुक्त (अपराध) संजीव नैन के अनुसार, आरोपी प्रत्येक व्यक्ति से 40 हजार से 70 हजार रुपये तक वसूलते थे। रकम लेने के बाद न तो रोजगार उपलब्ध कराया जाता था और न ही ई-मित्र से जुड़ी कोई सुविधा दी जाती थी। इस तरह बेरोजगार युवाओं को सुनियोजित तरीके से ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।

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दो से तीन साल से चल रहा था फर्जी नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले दो से तीन वर्षों से सक्रिय था। पुलिस जब्त किए गए कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

यह भी पढ़ें: महानदी में उफान से बाढ़ जैसे हालात! कई गांवों में अलर्ट, मकान खाली कराने लगी प्रशासन की टीम

राजस्थान से बाहर भी फैल सकती है जांच

पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाया हो सकता है। जांच का दायरा राजस्थान से बाहर भी बढ़ाया जा रहा है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी या ई-मित्र से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर बड़ी रकम जमा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।

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सूचना के आधार पर मारी गई रेड

पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के निर्देशन और विशेष पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश के सुपरविजन में चलाए गए अभियान के दौरान सीएसटी टीम ने सूचना के आधार पर तीसरी मंजिल पर संचालित कॉल सेंटर पर दबिश दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों के लोगों को ई-मित्र आईडी उपलब्ध कराने और ई-मित्र के माध्यम से रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे।

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40 से 70 हजार रुपये तक की वसूली

उपायुक्त (अपराध) संजीव नैन के अनुसार, आरोपी प्रत्येक व्यक्ति से 40 हजार से 70 हजार रुपये तक वसूलते थे। रकम लेने के बाद न तो रोजगार उपलब्ध कराया जाता था और न ही ई-मित्र से जुड़ी कोई सुविधा दी जाती थी। इस तरह बेरोजगार युवाओं को सुनियोजित तरीके से ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।

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दो से तीन साल से चल रहा था फर्जी नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले दो से तीन वर्षों से सक्रिय था। पुलिस जब्त किए गए कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

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राजस्थान से बाहर भी फैल सकती है जांच

पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाया हो सकता है। जांच का दायरा राजस्थान से बाहर भी बढ़ाया जा रहा है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी या ई-मित्र से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर बड़ी रकम जमा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।

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