भाजपा जयपुर में चल रहा डेमेज कन्ट्रोल सीएम ने जताई नाराजगी - Tonk News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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भाजपा जयपुर में चल रहा डेमेज कन्ट्रोल सीएम ने जताई नाराजगी
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अजय शर्मा| टोंक
टोंक जिला भाजपा और कांग्रेस दोनों में पार्षद चुनावों में टिकट अभी दिए भी नहीं है, दोनों पार्टियों में चल रही सिर फुटव्वल ने प्रदेश के नेताओं के सिर में दर्द कर दिया है। प्रदेश स्तरीय नेता लगातार यहां के नेताओं से बातचीत कर सर्व सम्मति बनाने की कवायद में जुटे हैं। पिछले दिनों निवाई में कांग्रेस के प्रधान चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा और सह प्रभारी सुमित गर्ग का विवाद और भाजपा जिला कार्यालय में टिकटों को लेकर जिले के एक नेता के समर्थकों के साथ कार्यालय पर हंगामा करने, एक चर्चित नेत्री का पैनल में नाम तक नहीं भेजने तथा पीपलू में विधायक रामसहाय वर्मा के पुत्र का नाम जोड़ने व यहां के अन्य मसलों पर अलग-अलग बैठकें कर प्रदेश के नेताओं को लगभग डांटने की भाषा में हिदायत देनी पड़ी है। जयपुर से डेमेज कन्ट्रोल के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
डोटासरा ने सख्त लहजे में अनुशासन का दिया संदेश: निवाई में कांग्रेस के प्रधान चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा और सह प्रभारी सुमित गर्ग के बीच हुई सरेआम बातचीत को कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने अनुशासनहीनता माना है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मसले पर जिले के प्रभारी प्रशांत शर्मा और सह प्रभारी सुमित गर्ग से बात कर घटना की जानकारी ली।
सूत्रों के मुताबिक डोटासरा ने इस बारे में फोन पर पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा के समक्ष नाराजगी भी जताई है। निवाई के दो कांग्रेस नेता के बीच मारपीट और उसके बाद भरी सभा में पूर्व विधायक के सह प्रभारी को भगा देने को निकाय चुनावों में पार्टी के लिहाज से अच्छा नहीं माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी, यह संदेश देने के लिए अब सिंबल लेकर सुमित गर्ग को फिर से निवाई भेजा जा सकता है।
अपने अहं और हितों को किनारे रखने की नसीहत: भाजपा में भी भीतर गुटबाजी का लावा उबल रहा है। इसकी आंच जयपुर तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री खुद टोंक के मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। दो दिन से पार्टी पदाधिकारियों को जयपुर तलब कर उनसे बातचीत की जा रही है। मुख्यमंत्री व प्रदेश नेतृत्व ने भाजपा के जिला कार्यालय पर हुए हंगामे, टोंक नगर परिषद के एक वार्ड से प्रमुख नेत्री का नाम पैनल में नहीं भेजने पर नाराजगी जताई है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद पैनल में महिला नेता का नाम जोड़ा गया है। पीपलू के मामले में निवाई विधायक रामसहाय वर्मा को भी मुख्यमंत्री ने संयम बरतने को कहा है।
अरूण चतुर्वेदी को डेमेज कन्ट्रोल का जिम्मा: बताया जाता है कि मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व ने टोंक के विवादों को निपटाने के लिए पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी को जिम्मा सौंपा है। शनिवार शाम को चतुर्वेदी के आवास पर इसी मंतव्य से बैठक हुई। चतुर्वेदी को टिकट फाइनल से पहले विवादों वाले प्रकरण में सहमति बनाने के लिए एक-एक से बात करने और जहां लगभग टिकट तय है, वहां की एक-एक की समीक्षा करने को कहा गया है। बैठक में चतुर्वेदी के साथ संगठन प्रभारी रामानंद गुर्जर, चुनाव प्रभारी डॉ कैलाश मेघवाल, जिलाध्यक्ष, सांसद प्रत्याशी, विधायक, विधायक प्रत्याशी को बुलाया गया है।
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