जयपुर VIDEO: राजस्थान पुलिस की नई जवाबदेही व्यवस्था, शिकायत निस्तारण के लिए नई SOP, देखिए ये खास रिपोर्ट
जयपुर: आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह निस्तारण को लेकर राजस्थान पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. पुलिस मुख्यालय ने परिवाद निस्तारण के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है. इसका उद्देश्य शिक…

सौजन्य से:- First India News
जयपुर: आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह निस्तारण को लेकर राजस्थान पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. पुलिस मुख्यालय ने परिवाद निस्तारण के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है. इसका उद्देश्य शिकायतों के निस्तारण में समयबद्धता सुनिश्चित करना, हर स्तर पर जवाबदेही तय करना और आमजन को बार-बार पुलिस कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है. नई व्यवस्था के तहत ई-मेल, CCTNS, राजकॉप पोर्टल अथवा व्यक्तिगत रूप से प्राप्त सभी परिवादों के निस्तारण की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है.
नई SOP के अनुसार पुलिस मुख्यालय से जिला एवं रेंज स्तर पर भेजे जाने वाले सभी परिवादों को “महानिदेशक पुलिस कार्यालय-जन सुनवाई” के रूप में चिन्हित किया जाएगा तथा उनका निस्तारण अधिकतम 14 दिनों के भीतर कर रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा. यदि किसी कारणवश निर्धारित अवधि में अंतिम रिपोर्ट देना संभव नहीं हो तो संबंधित अधिकारी को समय सीमा के भीतर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी. इसमें अब तक की गई कार्रवाई, लंबित बिंदु तथा अंतिम निस्तारण में लगने वाले संभावित समय का स्पष्ट उल्लेख करना होगा. महानिरीक्षक पुलिस रेंज एवं जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि भेजी गई रिपोर्ट तथ्यपरक, बिंदुवार, स्पष्ट और पुलिस मुख्यालय द्वारा मांगी गई सभी जानकारियों के अनुरूप हो.
अंतिम रिपोर्ट भेजने से पहले जिला स्तर पर कम से कम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर का अधिकारी परिवादी को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर उसे की गई कार्रवाई से अवगत कराएगा तथा इसकी पुष्टि भी रिपोर्ट में दर्ज की जाएगी. SOP में जवाबदेही को और मजबूत बनाते हुए यह भी तय किया गया है कि यदि निर्धारित समय में रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती है तो संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक को पांच दिन के भीतर स्मरण पत्र जारी किया जाएगा. इसके बाद भी अनुपालन नहीं होने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित रेंज महानिरीक्षक की होगी. वहीं पुलिस अधीक्षक और रेंज महानिरीक्षक लंबित परिवादों की नियमित समीक्षा करेंगे तथा इसकी समीक्षा टिप्पणी प्रत्येक माह पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी.
नई व्यवस्था के तहत जिला एवं रेंज स्तर पर प्राप्त सभी शिकायतों का CCTNS में पंजीकरण अनिवार्य होगा. राजकॉप सिटीजन एप और CCTNS के माध्यम से प्राप्त परिवादों का भी 14 दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा. पुलिस थानों, वृत्त, जिला और रेंज स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जाए, ताकि परिवादियों को पुलिस मुख्यालय तक अनावश्यक रूप से नहीं आना पड़े. यदि निर्धारित समय में शिकायत का समाधान नहीं हो सके तो परिवादी को अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी देना भी अनिवार्य होगा. SOP का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान Grievance Redressal Officer (GRO) की नियुक्ति है. प्रत्येक जिला एवं रेंज स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को GRO बनाया जाएगा, जो राजकॉप सिटीजन एप और CCTNS पर लंबित शिकायतों की नियमित निगरानी करेगा.
तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी तथा प्रत्येक माह लंबित परिवादों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी. वहीं प्रत्येक तीन माह में लंबित शिकायतों के मूल कारणों का विश्लेषण कर व्यवस्था में सुधार के सुझाव भी दिए जाएंगे. पुलिस मुख्यालय का मानना है कि नई SOP लागू होने से शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बढ़ेगी, अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और आमजन को समयबद्ध एवं प्रभावी न्याय मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार होगा. नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
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