नकली नोटों के नेटवर्क में फंसते, विक्रम जॉन ने 13 लाख रुपए की डिलीवरी देढ़ माह पहले की थी
अजमेर में नकली नोटों की खेप का मामला सुलझाना पुलिस के लिए कड़ी चुनौती, आरोपी विक्रम को 5 दिन के रिमांड पर लिया गया है

सौजन्य से:- ETV Bharat
डेढ़ माह पहले ही अजमेर भेज दिए 13 लाख रुपए के नकली नोट, Instagram के जरिए मास्टरमाइंड दे रहा था निर्देश-कहां पहुंचाने हैं पैसे
अजमेर में नकली नोटों की खेप का मामला सुलझाना पुलिस के लिए कड़ी चुनौती. आरोपी विक्रम को पांच दिन के रिमांड पर लिया.
Published : July 13, 2026 at 7:56 PM IST
अजमेर: अजमेर में नकली नोट की खेप मामले में मास्टरमाइंड अज्ञात व्यक्ति है, जो इंस्टाग्राम के जरिए गिरफ्तार आरोपी के संपर्क में आया था. प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी विक्रम जॉन तक 13 लाख 6 हजार रुपए की डिलीवरी डेढ़ माह पहले ही पहुंच गई थी. उसे यह डिलीवरी अन्य व्यक्ति को देनी थी, लेकिन इससे पहले ही वह पुलिस के शिकंजे में फंस गया. पुलिस ने सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को 5 दिन की रिमांड पर लिया है.
दरगाह थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी ने बताया कि बड़ी नागफणी में फ्रेंस कॉलोनी निवासी आरोपी विक्रम जॉन को नकली नोटों की खेप के साथ रविवार को गिरफ्तार किया था. सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया. आरोपी को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है. जीवनानी ने बताया, आरोपी विक्रम को किस व्यक्ति ने नकली नोटों की खेप दी, नेटवर्क से कितने लोग जुड़े और मास्टरमाइंड कौन हैं?, नकली नोट कहां छापे जा रहे हैं और अजमेर में अभी तक कितने नकली नोट कहां कहां खपाए. इस बारे में आरोपी से रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ की जाएगी. इसमें अन्य साथी भी हैं, इससे इनकार नहीं किया जा सकता.
पढ़ें: अजमेर में 13 लाख 60 हजार की फेक करेंसी बरामद, घर में ही नकली नोट छाप रहा था आरोपी
ऐसे धरा गया आरोपी विक्रम: उन्होंने बताया, प्रारंभिक पड़ताल में पाया कि 13 लाख 6 हजार रुपए नकली नोटों की यह खेप डेढ़ माह पहले अजमेर भेज दी गई थी. आरोपी विक्रम अज्ञात व्यक्ति के अगले आदेश का इंतजार करता रहा, जिससे इंस्टाग्राम पर संपर्क हुआ था. रविवार को अज्ञात ने विक्रम को इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति के हुलिए के बारे में बताया और कहा कि यह रकम उसे देनी है. विक्रम उस शख्स का इंतजार कर रहा था, तब मुखबिर की सूचना कर पुलिस ने विक्रम को दबोच लिया. तब तक पुलिस को भी पता नहीं था कि बैग लेकर बड़ी नागफनी क्षेत्र में सरकारी स्कूल के पास खड़ा आरोपी अज्ञात का इंतजार कर रहा है. बैग में मौजूद नकली नोटों की खेप विक्रम को उस अज्ञात व्यक्ति को देनी थी. विक्रम केवल उस शख्स का नाम और हुलिया ही जानता था.
मास्टरमाइंड तक पहुंचना चुनौती: पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आई बातों से नकली नोटों के नेटवर्क का संचालक काफी शातिर है. छद्म नाम से इंस्टाग्राम पर आईडी बनाकर बेरोजगार और गरीब युवकों को फांसता है. अजमेर में पकड़ा विक्रम वेल्डिंग का काम करता है. पड़ताल में पाया कि यह छोटा नेटवर्क नहीं है. इस नेटवर्क को तोड़ना एवं मास्टरमाइंड तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती है.
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