पंचायत-निकाय चुनाव: 16 अगस्त से लग सकती है आचार संहिता, 13 को होगा महापौर-अध्यक्ष पदों के आरक्षण का लॉटरी से निर्धारण
पंचायत-निकाय चुनाव: 16 अगस्त से लग सकती है आचार संहिता, 13 को होगा महापौर-अध्यक्ष पदों के आरक्षण का लॉटरी से निर्धारण नगर निकाय-पंचायत चुनाव 2026 को लेकर निर्वाचन आयोग ने समीक्षा की. 13 अगस्त को होगा महापौर और अध्यक्ष पद…

सौजन्य से:- ETV Bharat
पंचायत-निकाय चुनाव: 16 अगस्त से लग सकती है आचार संहिता, 13 को होगा महापौर-अध्यक्ष पदों के आरक्षण का लॉटरी से निर्धारण
नगर निकाय-पंचायत चुनाव 2026 को लेकर निर्वाचन आयोग ने समीक्षा की. 13 अगस्त को होगा महापौर और अध्यक्ष पदों के आरक्षण का लॉटरी से निर्धारण...
Published : August 10, 2026 at 6:06 PM IST
|Updated : August 10, 2026 at 8:24 PM IST
जयपुर: राजस्थान में आगामी नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी है. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोमवार को शासन सचिवालय में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चुनावी व्यवस्थाओं का जायजा लिया. बैठक में कानून-व्यवस्था, निर्वाचन कार्मिक, मतदान केंद्र, आरक्षण, अधिकारियों के स्थानांतरण और चरणबद्ध चुनाव व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई.
आयोग ने लॉटरी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश इसके साथ तबादला प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट किया कि 15 अगस्त से पहले पूरी कर लें. आयोग की ओर से 15 अगस्त की डेडलाइन के बाद ये माना जा सकता है कि 16 अगस्त को आयोग निकाय चुनाव की घोषणा कर सकता है.
18 हजार निकाय और 48 हजार पंचायत मतदान केंद्रों की तैयारी : राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि 'एक राज्य-एक चुनाव' के तहत पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में एक साथ चुनाव कराने का उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक निरंतरता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है. एक साथ चुनाव होने से चुनावी खर्च में बचत के साथ सरकारी मशीनरी पर बार-बार पड़ने वाला दबाव कम होगा और विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी.
राजेश्वर सिंह ने कहा कि नगर निकाय चुनाव के लिए करीब 18 हजार मतदान केंद्र, जबकि पंचायती राज चुनाव के लिए लगभग 48 हजार मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे. नगर निकाय चुनाव की चरणबद्ध व्यवस्था के तहत 39 जिलों में दो चरणों में चुनाव कराने की तैयारी है, जबकि फलोदी और सलूम्बर में एक चरण में मतदान कराया जाएगा. वहीं, पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 36 जिलों में चार चरणों, चार जिलों में दो चरणों और एक जिले में एक चरण में कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है. जैसलमेर में एक चरण में चुनाव कराने की तैयारी है.
ईवीएम से सदस्य, मतपेटी से पंच-सरपंच का चुनाव : चुनाव में नगर निकाय सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा. वहीं, पंच और सरपंच के निर्वाचन के लिए मतपेटियों का इस्तेमाल किया जाएगा. आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है.
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राजेश वर्मा ने बताया कि नगर निकाय चुनाव के प्रथम चरण में 140 नगर निकायों, 5,050 वार्ड और 10,185 मतदान केंद्रों के लिए 71,295 सिविल निर्वाचन कार्मिक और 61,110 पुलिस कार्मिकों की आवश्यकता होगी. दूसरे चरण में 169 नगर निकायों और 5,195 वार्डों के लिए 43,960 सिविल निर्वाचन कार्मिकों की आवश्यकता बताई गई है. बैठक में नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी के दौरान भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए. संवेदनशील परिस्थितियों में आवश्यक पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.
आरक्षण और अधिकारियों के तबादले पर आयोग की नजर : आयोग ने पदों के आरक्षण संबंधी प्रक्रिया जल्द पूरी करने और इसकी प्रगति से आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों के स्थानांतरण को लेकर भी आयोग ने स्पष्ट समयसीमा तय की है. 15 अगस्त 2026 तक संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश हैं. आयोग के अनुसार ऐसे कार्मिकों को चुनावी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, जिनके खिलाफ पिछले चुनावों में भारत निर्वाचन आयोग या राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव संबंधी लापरवाही को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हो.
निकाय-पंचायत चुनाव की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार : बैठक में गृह, नगरीय विकास एवं आवासन, वित्त, राजस्व, पुलिस, स्थानीय निकाय, पंचायती राज और कार्मिक विभाग की तैयारियों की समीक्षा की गई. कुल मिलाकर आयोग ने चुनावी मशीनरी को समयबद्ध तरीके से तैयार करने पर जोर दिया है.'वन स्टेट-वन इलेक्शन' की सरकार की मंशा के बीच आयोग की यह समीक्षा स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है.
13 अगस्त को होगा निकाय चुनाव में महापौर और अध्यक्ष पदों के आरक्षण का लॉटरी से निर्धारण, वार्ड आरक्षण तिथि पर अभी भी असमंजस : प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में निकायों के प्रमुख पद किस वर्ग के होंगे इसका निर्धारण 13 अगस्त को हो जाएगा. राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनाव-2026 को लेकर महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर स्वायत्त शासन विभाग की ओर से सूचना जारी की गई है. राज्य के 309 नगरीय निकायों में महापौर/सभापति/अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण लॉटरी के माध्यम से तय किया जाएगा। ये लॉटरी 13 अगस्त को सुबह 10:30 बजे स्वायत्त शासन विभाग के सभागार में निकाली जाएगी.
स्वायत्त शासन विभाग ने सभी राजनीतिक दलों को भी लॉटरी प्रक्रिया में प्रतिनिधि भेजने के लिए आमंत्रित किया है. इसके लिए आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, नेशनल पीपुल्स पार्टी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों को सूचना भेजी गई है. डीएलबी डायरेक्टर जूईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने बताया कि राजनीतिक दलों से कहा गया है कि वे अपने अधिकृत प्रतिनिधि को निर्धारित समय पर उपस्थित होने के लिए निर्देशित करें. लॉटरी प्रक्रिया में निकायों के महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों पर आरक्षण की स्थिति तय होगी.
उन्होंने बताया कि नगरीय निकाय चुनाव-2026 के लिहाज से ये प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आरक्षण तय होने के बाद संबंधित निकायों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित दावेदारों की स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी. वहीं, राजनीतिक दलों को भी अलग-अलग निकायों में उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी. बहरहाल, 13 अगस्त की लॉटरी के बाद ये स्पष्ट हो जाएगा कि 309 नगरीय निकायों में किन निकायों के प्रमुख पद सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित होंगे. हालांकि, वार्डों के आरक्षण को लेकर अभी कोई तारीख घोषित नहीं की गई है. वार्डवार आरक्षण की प्रक्रिया कब होगी, इसे लेकर स्वायत्त शासन विभाग की ओर से अभी अलग से कार्यक्रम जारी किया जाएगा. ऐसे में पार्षद पद के संभावित दावेदारों को वार्ड आरक्षण की तारीख का इंतजार है.
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पंचायत चुनाव से पहले जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान के पदों के आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा. इसके लिए सरकार ने लॉटरी की तारीख और समय तय कर दिया है. आरक्षण को लेकर होने वाली यह लॉटरी 13 अगस्त 2026 को दोपहर 3:15 बजे जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान के सभागार में निकाली जाएगी. राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं.
41 जिला परिषदों में जिला प्रमुख के पदों का होगा निर्धारण: विभाग की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि पंचायत राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के लिए प्रदेश के 41 जिला परिषदों में जिला प्रमुख के पदों तथा पंचायत समितियों में प्रधान के पदों के आरक्षित पदों का श्रेणीवार आवंटन किया जाना है. यह पूरी प्रक्रिया राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 और इसके तहत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार होगी. लॉटरी के जरिए यह तय होगा कि किस जिला परिषद में जिला प्रमुख का पद और किस पंचायत समिति में प्रधान का पद किस श्रेणी के लिए आरक्षित रहेगा. वहीं लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनावों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी. खासतौर पर जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान पदों के संभावित दावेदारों की राजनीतिक तैयारियां भी आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद तेज होने की संभावना है.
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