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गोपालपुरा बाइपास पर 200 कोचिंग संस्थान रहे बंद: नोटिस के विरोध में सांकेतिक हड़ताल; संचालक बोले- 4 साल पहले जेडीए ने बनाया था प्लान - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार19 अगस्त 2026 को 04:56 pm बजे
गोपालपुरा बाइपास पर 200 कोचिंग संस्थान रहे बंद:  नोटिस के विरोध में सांकेतिक हड़ताल; संचालक बोले- 4 साल पहले जेडीए ने बनाया था प्लान - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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गोपालपुरा बाइपास पर 200 कोचिंग संस्थान रहे बंद:नोटिस के विरोध में सांकेतिक हड़ताल; संचालक बोले- 4 साल पहले जेडीए ने बनाया था प्लान

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जयपुर में गोपालपुरा बाइपास रोड क्षेत्र में कोचिंग संस्थान जेडीए की कार्रवाई के खिलाफ बंद रहे। जेडीए की ओर से जारी नोटिस के विरोध में 200 से ज्यादा कोचिंग संस्थानों ने बुधवार को सांकेतिक हड़ताल की। राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के आह्वान पर हुई

एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार- जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने गोपालपुरा बाइपास क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों को 7 दिन में संस्थान बंद करने के नोटिस दिए हैं। जेडीए की ओर से यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में करने की बात कही गई है।

वहीं कोचिंग संचालकों ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- JDA ने 5 जुलाई 2021 और 26 जुलाई 2022 को गोपालपुरा बाइपास रोड को कोचिंग गतिविधियों के लिए अधिसूचित किया था।

कहा- JDA ने ही कोचिंग गतिविधियों के लिए किया था अधिसूचित

राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन ने दावा किया कि गोपालपुरा बाइपास 160 फीट चौड़ी सड़क है। यहां करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण चल रहा है। पदाधिकारियों ने बताया- जेडीए ने यहां साल 2022 में स्पेशल प्रोजेक्ट डेवलपमेंट प्लान बनाया था। इस योजना में गोपालपुरा बाइपास क्षेत्र को कोचिंग संस्थानों की जरूरतों के अनुरूप डवलप करने का प्रावधान किया गया था।

ऐसे में अब कोचिंग संस्थानों को बंद करने के नोटिस दिए जाने पर संचालकों ने सवाल उठाए हैं।

कोचिंग एसोसिएशन ने आरोप लगाया- सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत याचिका के संदर्भ में कुछ तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके चलते वर्तमान स्थिति बनी है। एसोसिएशन ने कहा- हम इस मामले में अपना पक्ष कानूनी रूप से हाईकोर्ट के समक्ष भी रखेंगे।

पदाधिकारियों ने कहा- न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं। अपने अधिकारों और तथ्यों को संवैधानिक-न्यायिक माध्यम से रखेंगे।

सरकार से कार्रवाई रोकने की मांग

राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई से पहले एडवोकेट जनरल के माध्यम से कोचिंग संस्थानों और JDA, दोनों का पक्ष प्रभावी तरीके से रखा जाए। साथ ही तब तक कोचिंग संस्थानों के खिलाफ किसी भी तरह की सीलिंग या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।

एसोसिएशन ने कहा- गोपालपुरा बाइपास क्षेत्र में संचालित अधिकांश कोचिंग संस्थान आवश्यक नियमों और मानकों का पालन कर रहे हैं। संस्थानों को बंद करने की कार्रवाई से हजारों विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों, कर्मचारियों और आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी असर पड़ सकता है।

कोचिंग संचालकों ने कहा- हमारा उद्देश्य कानून या न्यायपालिका के निर्देशों की अवहेलना करना नहीं है। हम चाहते हैं कि मामले में सभी संबंधित तथ्यों को सामने रखकर विद्यार्थियों और कोचिंग संस्थानों के हित में उचित समाधान निकाला जाए।

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