उदयपुर के हर्षवर्धन सिंह शक्तावत का एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन, जापान में ले रहे विशेष प्रशिक्षण
उदयपुर के हर्षवर्धन सिंह शक्तावत का एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन, जापान में ले रहे विशेष प्रशिक्षण एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में किया जाएगा. कैनो स्प्रिंट वर्ग में भारतीय टीम…

सौजन्य से:- ETV Bharat
उदयपुर के हर्षवर्धन सिंह शक्तावत का एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन, जापान में ले रहे विशेष प्रशिक्षण
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में किया जाएगा. कैनो स्प्रिंट वर्ग में भारतीय टीम
Published : September 12, 2026 at 5:37 PM IST
उदयपुर: कयाकिंग-कैनोइंग खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह शक्तावत का कैनो स्प्रिंट वर्ग में एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ है. 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में एशियन गेम्स 2026 का आयोजन किया जाएगा. फिलहाल हर्षवर्धन सिंह शक्तावत जापान के कोमात्सु में 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. उनकी इस उपलब्धि से उदयपुर के खेल जगत में उत्साह है और अब शहर को उनसे अंतरराष्ट्रीय पदक की उम्मीद है.
वर्षों पुराना सपना हर्षवर्धन ने किया पूरा: राजस्थान कयाकिंग-कैनोइंग संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि जब उदयपुर में इस खेल की शुरुआत हुई थी, तभी उनका सपना था कि यहां से कोई खिलाड़ी एशियन गेम्स तक पहुंचे. हर्षवर्धन ने यह सपना साकार किया है और अब उनकी नजर अंतरराष्ट्रीय पदक पर है.
चार दशक बाद मिला एशियन गेम्स में मौका: दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि लगभग 4 दशक पूर्व हमीदा बानो (एथलेटिक्स) के बाद लंबे अंतराल पर उदयपुर के किसी खिलाड़ी को एशियन गेम्स में प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है. शूटिंग खिलाड़ी अपूर्वी चंदेला का भी उदयपुर से जुड़ाव रहा है.
7 साल की उम्र से शुरू हुआ खेल का सफर: दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि हर्षवर्धन लगभग 7 वर्ष की आयु में अपने पिता निरंजन सिंह शक्तावत एवं माता के साथ बी.एन. तरणताल पर उनके पास तैराकी सीखने आया था. 5 वर्ष के तैराकी एवं फिटनेस प्रशिक्षण के बाद उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे फतहसागर स्थित कयाकिंग सेंटर पर कैनो का अभ्यास शुरू कराया गया.
राष्ट्रीय पदकों से एशियन गेम्स तक का सफर: राजस्थान कयाकिंग-कैनोइंग संघ के सचिव ने बताया कि लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें भोपाल स्थित साई सेंटर पर प्रशिक्षण और उसके बाद हाई परफॉर्मेंस सेंटर पर विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान किया गया. वहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने कई राष्ट्रीय पदक जीते और भारत का प्रतिनिधित्व भी किया. उसके बाद उनका चयन भारतीय कयाकिंग व कैनो संघ द्वारा संचालित उत्तराखंड के टिहरी बांध (टिहरी झील) स्थित THDC-IKCA हाई-परफॉर्मेंस कयाकिंग एंड कैनोइंग अकादमी में हुआ.
जहां आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीक से विदेशी प्रशिक्षकों द्वारा हाई क्लास प्रशिक्षण दिया जाता है. यहां गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर हर्षवर्धन ने लगातार अनेक राष्ट्रीय पदक जीते और अब वह अवसर आ गया है जब वे एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
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हर्षवर्धन को पदक की शुभकामनाएं: राजस्थान ड्रैगन बोट/कैनो स्प्रिंट चेयरमैन अजय अग्रवाल ने हर्षवर्धन को बधाई देते हुए कहा कि उदयपुर के वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों की उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं. उचित प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर यहां की प्रतिभाएं विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं.
फतहसागर की लहरों से एशियन गेम्स तक: संघ अध्यक्ष भगवान स्वरूप वैष्णव ने बताया कि हर्षवर्धन ने फतहसागर झील से सफर शुरू किया था. अनुशासन और कठिन परिश्रम से वह भारतीय टीम तक पहुंचे हैं. संघ पदाधिकारियों के अनुसार फतहसागर पर नियमित अभ्यास से उदयपुर के खिलाड़ियों ने 150 से अधिक पदक जीते हैं.
जापान में विशेष प्रशिक्षण: सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि चयन के बाद भारतीय दल के 14 खिलाड़ी और 4 प्रशिक्षक जापान के कोमात्सु में 15 दिवसीय विशेष शिविर में अभ्यास कर रहे हैं. यह शिविर उन्हें जापान के मौसम और परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करने के लिए लगाया गया है.
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