होमक्राइमजयपुर में 26 घंटे से पानी की टंकी पर चढ़े है छात्र नेता; छात्रसंघ चुनाव को लेकर दिया अल्टीमेटम
क्राइम

जयपुर में 26 घंटे से पानी की टंकी पर चढ़े है छात्र नेता; छात्रसंघ चुनाव को लेकर दिया अल्टीमेटम

जयपुर में 26 घंटे से पानी की टंकी पर चढ़े है छात्र नेता; छात्रसंघ चुनाव को लेकर दिया अल्टीमेटम टोंक फाटक पुलिया के पास रेलवे की पानी की टंकी पर राजस्थान यूनिवर्सिटी के NSUI प्रभारी विजयपाल कुड़ी, यूनिवर्सिटी उपाध्यक्ष को…

Hindustan के अनुसार31 जुलाई 2026 को 11:16 am बजे
जयपुर में 26 घंटे से पानी की टंकी पर चढ़े है छात्र नेता; छात्रसंघ चुनाव को लेकर दिया अल्टीमेटम

सौजन्य से:- Hindustan

जयपुर में 26 घंटे से पानी की टंकी पर चढ़े है छात्र नेता; छात्रसंघ चुनाव को लेकर दिया अल्टीमेटम

टोंक फाटक पुलिया के पास रेलवे की पानी की टंकी पर राजस्थान यूनिवर्सिटी के NSUI प्रभारी विजयपाल कुड़ी, यूनिवर्सिटी उपाध्यक्ष कोशेन खान और मेंबर वियोना जाट गुरुवार सुबह से ही बैठे हुए हैं।

राजधानी जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाली और अन्य मांगों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज हो गया है। गुरुवार सुबह से पानी की टंकी पर बैठे राजस्थान यूनिवर्सिटी के तीन छात्र नेताओं ने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे आमरण अनशन शुरू कर दिया। आंदोलनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के युवाओं के साथ मिलकर टोंक रोड जाम किया जाएगा।

टंकी पर डटे तीन छात्र नेताओं ने शुरू किया आमरण अनशन

टोंक फाटक पुलिया के पास रेलवे की पानी की टंकी पर राजस्थान यूनिवर्सिटी के NSUI प्रभारी विजयपाल कुड़ी, यूनिवर्सिटी उपाध्यक्ष कोशेन खान और मेंबर वियोना जाट गुरुवार सुबह से ही बैठे हुए हैं। शुक्रवार को तीनों ने आमरण अनशन की घोषणा करते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

तीनों छात्र नेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे और राजस्थान के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

सरकार को दिया टोंक रोड जाम का अल्टीमेटम

आंदोलन से जुड़े छात्र नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार शाम 4 बजे तक कोई मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचता और मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तो प्रदेशभर के छात्र टोंक रोड जाम करेंगे।

NSUI से जुड़े छात्र नेता देव पलसानिया ने कहा कि 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से कोई संवाद नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन बल प्रयोग भी करता है, तब भी छात्र पीछे नहीं हटेंगे।

‘पानी खत्म हो चुका, फिर भी आंदोलन जारी’

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विजयपाल कुड़ी ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने अब तक उनकी कोई सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि वे बिना भोजन के टंकी पर बैठे हैं, पीने का पानी भी खत्म हो चुका है और अब तक वॉशरूम तक नहीं गए हैं।

उन्होंने कहा कि छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा और मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

छात्रा वियोना जाट ने सरकार पर साधा निशाना

टंकी पर मौजूद छात्रा नेता वियोना जाट ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा महिला सम्मान और नारी वंदन की बात करती है, जबकि प्रदेश में महिला उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद एक छात्रा की परेशानी को लेकर किसी ने चिंता तक नहीं जताई।

वियोना ने टंकी से जारी वीडियो संदेश में कहा कि वे बिना कुछ खाए-पीए आंदोलन कर रहे हैं और सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और छात्र हितों की रक्षा के लिए आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

गुरुवार सुबह नारेबाजी करते हुए टंकी पर चढ़े थे छात्र

गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे विजयपाल कुड़ी, कोशेन खान और वियोना जाट टोंक फाटक पुलिया स्थित रेलवे की पानी की टंकी के पास पहुंचे थे। इसके बाद तीनों एक-एक कर टंकी पर चढ़ गए और हाथों में पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद से ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर नजर बनाए हुए हैं।

शुभम रेवाड़ का सत्याग्रह नौवें दिन भी जारी

इधर, छात्रसंघ चुनाव बहाली और राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की मांग को लेकर अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ का सत्याग्रह शुक्रवार को नौवें दिन भी जारी रहा।

गुरुवार को तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उन्हें राजस्थान यूनिवर्सिटी से हटाकर SMS हॉस्पिटल में भर्ती करवा चुकी है। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें MICU-7 में शिफ्ट किया गया है। शुगर और ब्लड प्रेशर का स्तर गिरने के बावजूद उन्होंने अस्पताल से संदेश जारी कर कहा कि सरकार और प्रशासन उन्हें अनशन स्थल से ICU तक जरूर ले आए हैं, लेकिन उनका संकल्प नहीं टूटा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनका अन्न-त्याग और सत्याग्रह जारी रहेगा। वहीं, जयपुर में छात्र आंदोलन लगातार उग्र होता दिखाई दे रहा है और अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

लेखक के बारे में

Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)

सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें