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5 किमी लंबा ट्रैफिक जाम,वाटर कैनन और बैरिकेडिंग, नरेश मीणा जयपुर पहुंचते ही दिखा ये नजारा

Naresh Meena Live Updates: राजस्थान में डीएपी और यूरिया की किल्लत को लेकर नरेश मीणा का जयपुर कूच शिवदासपुरा टोल पर रोक दिया गया, जिससे टोंक रोड पर 5 किमी लंबा जाम लग गया। वॉटर कैनन और भारी पुलिस बल के बीच नरेश मीणा ने मु…

Navbharat Times के अनुसार7 अक्टूबर 2026 को 05:04 pm बजे
5 किमी लंबा ट्रैफिक जाम,वाटर कैनन और बैरिकेडिंग, नरेश मीणा जयपुर पहुंचते ही दिखा ये नजारा

सौजन्य से:- Navbharat Times

Naresh Meena Live Updates: राजस्थान में डीएपी और यूरिया की किल्लत को लेकर नरेश मीणा का जयपुर कूच शिवदासपुरा टोल पर रोक दिया गया, जिससे टोंक रोड पर 5 किमी लंबा जाम लग गया। वॉटर कैनन और भारी पुलिस बल के बीच नरेश मीणा ने मुख्यमंत्री से वार्ता और आमरण अनशन की जिद ठान ली है।

Naresh Meena Jaipur March। जयपुर: राजस्थान में डीएपी और यूरिया की किल्लत समेत किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर नरेश मीणा ने जयपुर कूच किया। बुधवार को निवाई से जयपुर के लिए रवाना हुए नरेश मीणा के साथ रास्ते में बड़ी संख्या में किसान और समर्थक जुड़ते गए। चाकसू में सभा के बाद उनका काफिला जयपुर की ओर बढ़ा, लेकिन शिवदासपुरा टोल के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद टोंक रोड पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

सीएम से नीचे स्तर पर बात नहीं करूंगा - नरेश मीणा

शिवदासपुरा टोल के पास पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मौके पर वाटर कैनन, STF और RAC के सैकड़ों जवान तैनात किए गए हैं। कई इंस्पेक्टर और RPS अधिकारी भी स्थिति संभाल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने नरेश मीणा से बातचीत कर आंदोलन को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि वे मुख्यमंत्री स्तर से नीचे किसी अधिकारी से वार्ता नहीं करेंगे।

आमरण अनशन पर बैठने की जिद

नरेश मीणा ने किसानों की मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठने की अनुमति भी मांगी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उनके साथ बड़ी संख्या में किसानों और समर्थकों की मौजूदगी के कारण चाकसू से जयपुर आने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। नरेश मीणा ने अनशन पर बैठने की जिद कर ली है।

खाद की किल्लत को लेकर आंदोलन

नरेश मीणा ने राजस्थान में डीएपी और यूरिया की उपलब्धता को लेकर आंदोलन शुरू किया है। उनका आरोप है कि कई जगह किसानों को खाद लेने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर खाद के साथ दूसरे महंगे सामान की खरीद के लिए किसानों पर दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। रबी सीजन की तैयारियों के बीच खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बड़ा मुद्दा बनी हुई है। सरकार की ओर से राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया जा रहा है, वहीं कई इलाकों से किसान कतार लगने और समय पर खाद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। सरकार के दावे और किसानों की जमीनी शिकायतों के बीच का अंतर अब राजनीतिक आंदोलन का मुद्दा बन गया है।

नरेश मीणा की प्रमुख मांगें

किसानों के लिए डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

खाद किसानों को निर्धारित कीमत पर उपलब्ध कराई जाए।

खाद के साथ दूसरे सामान की जबरन बिक्री यानी अटैचमेंट पर रोक लगाई जाए।

किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।

खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

समझाइश का प्रयास जारी

फिलहाल शिवदासपुरा टोल के पास पुलिस बैरिकेडिंग के पीछे नरेश मीणा और उनके समर्थक मौजूद हैं। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की कोशिश जारी है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

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