होमबिज़नेसजयपुर में BRICS पर्यटन बैठकों की शुरुआत, 10 देशों के प्रतिनिधियों ने किया सल्टनेबल ट्यूरिज्म पर मंथन
बिज़नेस

जयपुर में BRICS पर्यटन बैठकों की शुरुआत, 10 देशों के प्रतिनिधियों ने किया सल्टनेबल ट्यूरिज्म पर मंथन

जयपुर में BRICS पर्यटन बैठकों की शुरुआत, 10 देशों के प्रतिनिधियों ने किया सल्टनेबल ट्यूरिज्म पर मंथन जयपुर में चार दिवसीय BRICS पर्यटन वर्किंग ग्रुप की बैठक शुरू हुई, जिसमें AI, सतत पर्यटन और कौशल विकास पर चर्चा की गई. P…

ETV Bharat के अनुसार19 अगस्त 2026 को 03:55 pm बजे
जयपुर में BRICS पर्यटन बैठकों की शुरुआत, 10 देशों के प्रतिनिधियों ने किया सल्टनेबल ट्यूरिज्म पर मंथन

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर में BRICS पर्यटन बैठकों की शुरुआत, 10 देशों के प्रतिनिधियों ने किया सल्टनेबल ट्यूरिज्म पर मंथन

जयपुर में चार दिवसीय BRICS पर्यटन वर्किंग ग्रुप की बैठक शुरू हुई, जिसमें AI, सतत पर्यटन और कौशल विकास पर चर्चा की गई.

Published : August 19, 2026 at 8:36 PM IST

जयपुर: भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता के तहत जयपुर में चार दिवसीय BRICS पर्यटन वर्किग ग्रुप की बैठकों की शुरुआत हो गई है. इस बैठक की मेजबानी भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय कर रहा है. मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार की अध्यक्षता में पहले दिन सदस्य देशों ने पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर तफ्सील से बात की. खास तौर पर इस दौरान चार मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें एआई और पर्यटन, सतत और जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन कौशल विकास और सुगम यात्रा शामिल है. सदस्य देशों ने इन बिन्दुओं के जरिए पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं को तवज्जों देने पर जोर दिया. बैठक की थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण रही है.

बैठक को संबोधित करते हुए पर्यावरण मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि चर्चा के नतीजे 21 अगस्त को होने वाली ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक का आधार तय करेंगे. 22 अगस्त तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन में BRICS के 10 सदस्य देशों के प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं. दूसरी BRICS पर्यटन कार्य समूह बैठक का मकसद सदस्य देशों के बीच संवाद, अनुभवों और ज्ञान का आदान-प्रदान और पर्यटन क्षेत्र में मजबूत सहयोग को बढ़ावा देना है. बैठक में पर्यटन को अधिक कनेक्टेड, टिकाऊ, समावेशी और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. पर्यटन उद्योग में प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरूरत को देखते हुए कौशल विकास और क्षमता निर्माण भी बैठक के महत्वपूर्ण एजेंडे में शामिल है. BRICS देश पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और युवाओं के कौशल विकास के लिए अपने अनुभव और बेहतर मॉडल साझा कर रहे हैं. पर्यटन, होटल, गाइड, आतिथ्य और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. इससे पर्यटन उद्योग को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है.

BRICS Nations Come Together to Build the Future of Tourism.

— Ministry of Tourism (@tourismgoi) August 19, 2026

The 2nd BRICS Tourism Working Group Meeting in Jaipur brings together member countries to exchange ideas, share perspectives and strengthen cooperation towards a more connected future for tourism.

(1/2)#BRICS2026 pic.twitter.com/MsVR3wvxgT

इसे भी पढ़ें- जयपुर में आज से चार दिन ब्रिक्स के 10 देश करेंगे ट्यूरिज्म में सहयोग पर मंथन

पर्यटन में AI के इस्तेमाल पर चर्चा: बैठक में ग्लोबल ट्यूरिज्म में आ रहे बदलावों पर चर्चा की गई. तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल, यात्रियों की बदलती अपेक्षाएं, पर्यावरण स्थिरता की जरूरत के मद्देनजर नई रणनीतियां विकसित करने पर जोर दिया गया. पर्यटन क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल को प्रमुख विषय के तौर पर शामिल किया गया है. AI के माध्यम से पर्यटकों को बेहतर जानकारी उपलब्ध कराने, यात्रा की योजना आसान बनाने, पर्यटन स्थलों की जानकारी को असरकारक तरीके से पहुंचाने और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है. सदस्य देश तकनीक और डिजिटल नवाचार के अपने अनुभव साझा कर रहे हैं, ताकि पर्यटन क्षेत्र में नई तकनीकों का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर किया जा सके.

आने वाले समय में AI पर्यटन उद्योग के लिए किस तरह नए अवसर पैदा कर सकता है, इस पर भी विचार-विमर्श हो रहा है. BRICS पर्यटन बैठकों में सदस्य देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक और सुगम बनाने पर भी चर्चा की जा रही है. यात्रा सुविधाओं को बेहतर करने, पर्यटन आदान-प्रदान बढ़ाने और अलग-अलग देशों के पर्यटकों के लिए यात्रा प्रक्रिया को आसान बनाने के उपायों पर विचार किया जा रहा है. सदस्य देशों के बीच पर्यटन आदान-प्रदान बढ़ने से लोगों को एक-दूसरे देशों की संस्कृति, विरासत और पर्यटन स्थलों को जानने का मौका मिलेगा. साथ ही इससे पर्यटन उद्योग, होटल, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है.

From Artificial Intelligence & Tourism, Sustainability & Responsible Tourism, Tourism Skilling & Capacity Building, to Tourism Exchanges & Seamless Travel Facilitation, the discussions are opening new possibilities for the future of tourism.#BRICSIndia2026

— Ministry of Tourism (@tourismgoi) August 19, 2026

(2/2) pic.twitter.com/bYdyFrzpgt

इसे भी पढ़ें- भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने में ब्रिक्स की भूमिका पर जोर दिया

टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन पर जोर: बैठक का एक प्रमुख विषय सतत और जिम्मेदार पर्यटन है. पर्यटन के विकास के साथ पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को कैसे सुनिश्चित किया जाए, इस पर सदस्य देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान किया जा रहा है. पर्यटन स्थलों पर बढ़ते दबाव को कम करने, स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने और पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभ को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने के उपायों पर भी चर्चा हो रही है. इसका मकसद ऐसा पर्यटन मॉडल विकसित करना है, जिसमें आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके. चार दिवसीय बैठकों में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श के जरिए BRICS देशों के बीच पर्यटन सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश की जा रही है. AI और डिजिटल तकनीक से लेकर सतत पर्यटन, कौशल विकास और निर्बाध यात्रा तक कई ऐसे विषय हैं, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक पर्यटन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

BRICS पर्यटन बैठकों की मेजबानी राजस्थान और खासतौर पर जयपुर के लिए भी अहम मौका है. जयपुर अपनी ऐतिहासिक विरासत, महलों, किलों, कला, संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य के लिए दुनिया भर में पहचान रखता है. इस आयोजन के जरिए भारत और राजस्थान की पर्यटन क्षमता को BRICS देशों के प्रतिनिधियों के सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है. राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, लोक कला, खान-पान और विरासत पर्यटन को वैश्विक स्तर पर और मजबूती से प्रस्तुत किया जा सकता है. 22 अगस्त तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में होने वाली चर्चाओं और बैठकों से BRICS देशों के बीच पर्यटन सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. साथ ही भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर विकसित होने की संभावना है.

2nd #BRICS 2026 Tourism Working Group Meeting Held in #Jaipur

— PIB India (@PIB_India) August 19, 2026

➜Ministry of Tourism hosted the 2nd BRICS 2026 Tourism Working Group (TWG) Meeting in Jaipur, Rajasthan today under India’s BRICS Chairship.

➜The meeting was chaired by Bhuvnesh Kumar, Secretary, Ministry of… pic.twitter.com/yy3v0U6iJ5

इसे भी पढ़ें- जयपुर में 19 अगस्त से ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक, वैश्विक साझेदारी और निवेश के खुलेंगे नए रास्ते

20 अगस्त को जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा: ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधि 20 अगस्त को जयपुर के प्रमुख पर्यटन और विरासत स्थलों का तकनीकी दौरा भी करेंगे. इस दौरान प्रतिनिधियों को हवा महल, सिटी पैलेस और आमेर पैलेस सहित जयपुर की प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया जाएगा. तकनीकी दौरे के जरिए विदेशी प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्थापत्य कला और पर्यटन क्षमता को करीब से समझने का अवसर मिलेगा. वहीं, यह आयोजन राजस्थान को ब्रिक्स देशों के बीच पर्यटन सहयोग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने का भी अवसर प्रदान कर रहा है. ब्रिक्स पर्यटन बैठकों का आयोजन 19 से 22 अगस्त तक जयपुर में हो रहा है. कार्य समूह की बैठकों के बाद 21 अगस्त को ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें सदस्य देशों के बीच पर्यटन सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय और भविष्य की दिशा पर चर्चा होने की संभावना है.

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें