होम›शिक्षा-करियर›राजस्थान में Gen-Z की सियासी एंट्री... 21 साल की नेहा शर्मा और फाईज हसन बने पार्षद
शिक्षा-करियर

राजस्थान में Gen-Z की सियासी एंट्री... 21 साल की नेहा शर्मा और फाईज हसन बने पार्षद

Sign In Advertisement X राजस्थान की सियासत में अब Gen-Z की नई पीढ़ी दस्तक दे चुकी है. एक तरफ अलवर के थानागाजी में महज 21 साल 4 माह की नेहा शर्मा न सियासत का र…

AajTak के अनुसार14 सितंबर 2026 को 09:04 pm बजे
राजस्थान में Gen-Z की सियासी एंट्री... 21 साल की नेहा शर्मा और फाईज हसन बने पार्षद

सौजन्य से:- AajTak

Sign In

Advertisement

X

राजस्थान की सियासत में अब Gen-Z की नई पीढ़ी दस्तक दे चुकी है. एक तरफ अलवर के थानागाजी में महज 21 साल 4 माह की नेहा शर्मा न सियासत का रुख करते हुए पार्षद का चुनाव जीत लिया, तो दूसरी तरफ जयपुर में 21 साल के फाईज हसन ने वार्ड 71 से जीत दर्ज कर नगर निगम में अपनी जगह बनाई है. दोनों की जीत ने स्थानीय राजनीति में युवा चेहरों और नई पीढ़ी की बढ़ती भागीदारी को मजबूती दी है.

जयपुर नगर निगम के वार्ड 71 से 21 वर्षीय फाईज हसन ने चुनाव जीतकर सियासत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. उनकी जीत भी इसलिए खास रही क्योंकि इतनी कम उम्र में नगर निगम तक पहुंचने वाले युवा चेहरों में उनका नाम सामने आया है.

जयपुर वार्ड 71 से फाईज हसन ने लहराया परचम

कांग्रेस के फाईज हसन ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद सलीम को शिकस्त दी. सलीम को 5,256 वोट मिले, जबकि बीजेपी की प्रत्याशी निशा गौड़ तीसरे स्थान पर रहीं.

वहीं, थानागाजी नगर पालिका से भाजपा प्रत्याशी नेहा शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी को 101 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की. खास बात यह रही कि यह थानागाजी नगर पालिका में भाजपा के विजयी प्रत्याशियों के बीच सबसे बड़े अंतर से मिली जीत बताई जा रही है.

Advertisement

पत्रकार से जनप्रतिनिधि बनीं 21 साल की नेहा शर्मा

महज 21 वर्ष 4 माह की उम्र में चुनाव जीतने वाली नेहा ने राजनीति में आने से पहले करीब चार साल तक पत्रकारिता की. जनसरोकारों से जुड़े मुद्दे उठाने के बाद अब वह खुद जनप्रतिनिधि की भूमिका में नजर आएंगी. चुनाव जीतने के बाद नेहा का नाम थानागाजी नगर पालिका के चेयरमैन पद की संभावित दौड़ में भी चर्चा में है.

जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजों ने शहर की सियासी तस्वीर साफ कर दी है. 150 वार्ड वाले नगर निगम में बीजेपी ने 78 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. कांग्रेस के खाते में 53 सीटें आई हैं, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15 वार्डों में जीत दर्ज की है. हालांकि सोमवार को 150 में से 146 वार्डों की मतगणना हुई. वहीं बाकि वार्ड नंबर 9, 18, 25 और 34 के 5 बूथों पर री-पोलिंग होगी. इन बूथों की वोटिंग के बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी.

हालांकि, जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को नगर निगम चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. कांग्रेस की बागी ज्योति को बीजेपी ने वार्ड नंबर 110 से मैदान में उतारा था, लेकिन कांग्रेस की सुनीता मेठी ने उन्हें शिकस्त दे दी. ज्योति खंडेलवाल कांग्रेस की ओर से लोकसभा चुनाव की उम्मीदवार भी रह चुकी हैं. पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान नाराजगी के बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था. इसके बाद बीजेपी ने उन्हें वार्ड 110 से टिकट दिया, लेकिन चुनावी मैदान में उनका सफर जीत तक नहीं पहुंच सका. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ज्योति खंडेलवाल अपने एक भी बूथ पर जीत दर्ज नहीं कर पाईं.

Advertisement

वहीं वार्ड 76 से बीजेपी के पुनीत कर्णावत ने जीत दर्ज की है. कर्णावत की जीत के बाद अब उनका नाम जयपुर के अगले मेयर की रेस में भी चर्चा में आ गया है. बीजेपी के बोर्ड बनने की स्थिति में मेयर पद के लिए पार्टी किस चेहरे पर दांव लगाती है, इस पर अब सबकी नजरें हैं.

मुख्यमंत्री के OSD की पत्नी जीती

यही नहीं, जयपुर नगर निगम चुनाव में मुख्यमंत्री के OSD से जुड़ा एक और अहम नतीजा सामने आया है. वार्ड नंबर 87 से प्रतिभा शर्मा ने जीत दर्ज की है. प्रतिभा शर्मा मुख्यमंत्री के OSD आनंद शर्मा की पत्नी हैं. उनकी जीत के बाद महिला के मेयर बनने के सियासी समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.

इसके अलावा, जयपुर में असदुद्दीन ओवैसी और हनुमान बेनीवाल का गठजोड़ भी चुनावी मैदान में असर दिखाता नजर आया. वार्ड नंबर 146 से फिरोज बानो ने जीत दर्ज की है. फिरोज बानो AIMIM और RLP के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थीं. चुनाव से पहले ओवैसी और बेनीवाल ने यहां बड़ी जनसभा भी की थी. वहीं वार्ड नंबर 49 का मुकाबला भी खासा चर्चा में रहा. यहां मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले बीजेपी नेता मुकेश शर्मा उर्फ 'काका' को हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस के धर्म सिंह सिंघानिया ने काका को हरा दिया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: BJP उम्मीदवार को मिला महज 1 वोट: राजस्थान निकाय चुनाव में हैरान करने वाला रिजल्ट

यही नहीं, वार्ड 35 में बीजेपी नेता विमल कटियार को भी हार का सामना करना पड़ा. निर्दलीय प्रत्याशी ने उन्हें चुनाव में शिकस्त देकर बीजेपी के खाते से एक और सीट छीन ली. वही वार्ड 113 में निर्दलीय प्रत्याशी गजनफर अली ने धमाकेदार जीत दर्ज की. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 10 हजार 14 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया.

यह भी पढ़ें: घरवालों का तो छोड़ो, उम्मीदवार को नहीं मिला खुद का वोट! राजस्थान निकाय चुनाव में चौंकाने वाला रिजल्ट

इसके अलावा, मतगणना के दौरान वार्ड नंबर 20 में रिकाउंटिंग की मांग को लेकर हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोबारा मतगणना कराने की मांग को लेकर प्रशासन के सामने विरोध जताया. मामला उस समय गरमा गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक के सामने नारेबाजी शुरू कर दी. कांग्रेस की ओर से रिकाउंटिंग की मांग की गई, लेकिन प्रशासन ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया. मामला बढ़ता देख कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान और विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंचे. नेताओं के पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं से बातचीत हुई और मामला शांत हुआ.

---- समाप्त ----

TOPICS:

Latest News in Hindi »

Advertisement

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें