पर्यटक स्मारक देखकर ही नहीं जाएं, संस्कृति से भी जुड़ें: पर्यटन सचिव बोलीं- एक्सपीरिएंस टूरिज्म पर काम करना होगा; राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट की घोषणा - Jaipur News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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पर्यटक स्मारक देखकर ही नहीं जाएं, संस्कृति से भी जुड़ें:पर्यटन सचिव बोलीं- एक्सपीरिएंस टूरिज्म पर काम करना होगा; राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट की घोषणा
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पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव शुचि त्यागी ने कहा- राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में अगली छलांग लगाने के लिए अब ऐतिहासिक स्मारकों और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि पर्यटकों को ऐसे 'इमर्सिव टूरिज्म एक्सपीरिएंस' यानी अनुभवात्मक
होटल आईटीसी राजपूताना में आयोजित राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट के कर्टन रेजर प्रोग्राम में उन्होंने यह कहा।
शुचि त्यागी ने कहा- आज का पर्यटक केवल किसी स्मारक को देखकर लौटना नहीं चाहता, बल्कि वह स्थानीय संस्कृति, खान-पान, लोककला, परंपराओं, प्रकृति और ग्रामीण जीवन को करीब से महसूस करना चाहता है। ऐसे अनुभव ही राजस्थान की पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई दे सकते हैं। इसके लिए सरकार निजी क्षेत्र के साथ मिलकर बेहतर पर्यटन उत्पाद विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
पर्यटन से रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी गति
शुचि त्यागी ने कहा- राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत उसका पर्यटन है। इससे लाखों लोगों को रोजगार, स्वरोजगार और नए व्यवसाय के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में निवेश, बेहतर आधारभूत ढांचा और नई पर्यटन संभावनाओं को विकसित करने पर लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा- राज्य में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। वहीं वन्यजीव पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही सरकार प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के अलावा कम प्रसिद्ध और नए पर्यटन गंतव्यों को भी पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
जयपुर में सितंबर में लगेगा पर्यटन उद्योग का सबसे बड़ा मंच
कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) और राजस्थान पर्यटन विभाग के बीच ट्रैवल मार्ट के आयोजन को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए। इसके बाद दोनों आयोजनों के पोस्टर का औपचारिक विमोचन किया गया।
एफएचटीआर के महासचिव तरुण कुमार बंसल ने बताया- छठा राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट 17 से 19 सितंबर तक जयपुर में आयोजित होगा। इसमें देशभर से पर्यटन और आतिथ्य उद्योग से जुड़े 300 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। वहीं 20 से 22 सितंबर तक जोधपुर में पहली बार मारवाड़ ट्रैवल मार्ट आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 125 पर्यटन हितधारकों की भागीदारी रहेगी।
इस वर्ष ट्रैवल मार्ट की थीम 'स्टोरीज, जर्नी, स्माइल्स' रखी गई है, जिसका उद्देश्य राजस्थान की कहानियों, यात्राओं और सांस्कृतिक अनुभवों को नए तरीके से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।
घरेलू पर्यटन को मिलेगा नया प्रोत्साहन
राजस्थान की पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ ने कहा- वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। ऐसे समय में घरेलू पर्यटन को मजबूत करना बेहद जरूरी है और ट्रैवल मार्ट इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया- पिछले साल राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट में 20 हजार से अधिक बी-टू-बी बैठकें हुई थीं, जबकि इस वर्ष 25 हजार से अधिक व्यावसायिक बैठकों का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा- पर्यटन विभाग शेखावाटी की विश्वप्रसिद्ध फ्रेस्को कला, होमस्टे पर्यटन और स्थानीय विरासत को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि जोधपुर के बाद अगला ट्रैवल मार्ट उदयपुर में आयोजित किया जाएगा।
टियर-2 और टियर-3 शहरों को भी मिलेगी पहचान
एफएचटीआर के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शाहपुरा ने कहा- राजस्थान का पर्यटन केवल जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। राज्य के टियर-2 और टियर-3 शहरों, ग्रामीण पर्यटन, मेलों, त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी ट्रैवल एजेंट्स के यात्रा कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा- अब राज्य में लगभग पांच महीने तक पोलो सीजन चलता है। इसके अलावा बांदीकुई को 'रेलवे हेरिटेज सिटी' के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे राज्य की रेल विरासत को नई पहचान मिल सके।
मारवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा वैश्विक मंच
जोधपुर में पहली बार आयोजित होने जा रहे मारवाड़ ट्रैवल मार्ट के बारे में जानकारी देते हुए जारा के अध्यक्ष एवं मार्ट के चेयरमैन जे. एम. बूब ने कहा- इस आयोजन का उद्देश्य मारवाड़ क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। उन्होंने बताया- मारवाड़ अपने वन्यजीव, लोकसंगीत, हस्तशिल्प, ऐतिहासिक धरोहर और समृद्ध संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। ट्रैवल मार्ट के माध्यम से इन पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल कंपनियों तक पहुंचाया जाएगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को नई गति मिलेगी।
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