होमशिक्षा-करियरइंग्लैंड में गरिमा कछावा ने बिखेरे राजस्थानी संस्कृति के रंग: लेस्टर मेले में घूमर, कालबेलिया और तेरह ताली की दी प्रस्तुतियां, प्रवासी राजस्थानियों ने सराहा - Jaipur News
शिक्षा-करियर

इंग्लैंड में गरिमा कछावा ने बिखेरे राजस्थानी संस्कृति के रंग: लेस्टर मेले में घूमर, कालबेलिया और तेरह ताली की दी प्रस्तुतियां, प्रवासी राजस्थानियों ने सराहा - Jaipur News

- Hindi News - Local - Rajasthan - Jaipur - Rajasthani Culture At Leicester Mela | Garima Kachhawa Dance Performance इंग्लैंड में गरिमा कछावा ने बिखेरे राजस्थानी संस्कृति के रंग:लेस्टर मेले में घूमर, कालबेलिया और तेरह ता…

Dainik Bhaskar के अनुसार19 अगस्त 2026 को 12:56 pm बजे
इंग्लैंड में गरिमा कछावा ने बिखेरे राजस्थानी संस्कृति के रंग:  लेस्टर मेले में घूमर, कालबेलिया और तेरह ताली की दी प्रस्तुतियां, प्रवासी राजस्थानियों ने सराहा - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Rajasthan

- Jaipur

- Rajasthani Culture At Leicester Mela | Garima Kachhawa Dance Performance

इंग्लैंड में गरिमा कछावा ने बिखेरे राजस्थानी संस्कृति के रंग:लेस्टर मेले में घूमर, कालबेलिया और तेरह ताली की दी प्रस्तुतियां, प्रवासी राजस्थानियों ने सराहा

- कॉपी लिंक

इंग्लैंड के लेस्टर में आयोजित लीसेस्टर मेला 2026 में राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरत झलक देखने को मिली। रजवाड़ी रूट्स की संस्थापक एवं आर्टिस्टिक डायरेक्टर गरिमा कछावा, ने पारंपरिक राजस्थानी लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों के माध्यम से वहां मौजूद दर्शकों को राजस्थान की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं से रूबरू कराया।

कार्यक्रम की शुरुआत जयपुर की गरिमा कछावा ने तेरह ताली की एकल प्रस्तुति से की। इसके बाद राजवाड़ी रूट्स की नीरजा गोयल और मलारकोडी नागरत्नम ने भी उनके साथ मंच साझा किया। प्रस्तुतियों में राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर और कालबेलिया के साथ विभिन्न राजस्थानी लोकगीतों एवं लोक नृत्य शैलियों का खूबसूरत समावेश देखने को मिला।

रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य की जीवंत प्रस्तुतियों ने लेस्टर मेले के माहौल को पूरी तरह राजस्थानी रंग में रंग दिया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा और उत्साह के साथ लोक संस्कृति का आनंद लिया।

विदेश में राजस्थानी संस्कृति को पहुंचा रहीं गरिमा

जयपुर, राजस्थान से जुड़ी अपनी जड़ों को साथ लेकर गरिमा कछावा पिछले कुछ वर्षों से इंग्लैंड में राजवाड़ी रूट्स के माध्यम से राजस्थानी एवं भारतीय लोक संस्कृति को प्रस्तुत और प्रोत्साहित कर रही हैं। उनका प्रयास पारंपरिक लोक नृत्य शैलियों के मूल स्वरूप और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए उन्हें ब्रिटेन के विभिन्न समुदायों और दर्शकों तक पहुंचाना है। गरिमा कछावा की प्रस्तुतियों के माध्यम से विदेश में रह रही नई पीढ़ी को भी राजस्थान की लोक परंपराओं, संगीत और नृत्य से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कलाकार

लेस्टर मेला 2026 में ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। एबी पार्क में भव्य स्तर पर आयोजित इस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ परिवारों और बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां एवं आकर्षण भी मौजूद रहे। ब्रिटेन के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे, जिससे पूरे दिन एबी पार्क का माहौल जीवंत और उत्सवपूर्ण बना रहा।

अपडेट्स

- कॉपी लिंक

अपेक्स यूनिवर्सिटी के दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े शुभांकर मिश्रा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जुनून को पहचानने, उसे अपनी ताकत बनाने और लगातार सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता हासिल करने के लिए कॉन्फिडेंस, क्लैरिटी और कंसिस्टेंसी बेहद जरूरी हैं।

विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान शुभांकर मिश्रा ने बदलते डिजिटल दौर और तकनीक की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य की चीज नहीं, बल्कि वर्तमान की जरूरत बन चुकी है। आने वाले समय में हर क्षेत्र में तकनीक और एआई की भूमिका और बढ़ेगी। ऐसे में विद्यार्थियों को अपने विषय की पढ़ाई के साथ नई तकनीकों की जानकारी भी हासिल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन केवल डिग्री हासिल करने का समय नहीं है, बल्कि अपनी क्षमताओं को पहचानने, नए कौशल सीखने और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने और शिक्षकों तथा वरिष्ठ विद्यार्थियों के साथ संवाद बनाए रखने की सलाह दी।

प्रतिभा के साथ उसे प्रस्तुत करना भी जरूरी

शुभांकर मिश्रा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल प्रतिभा होना पर्याप्त नहीं है। अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों को सही तरीके से प्रस्तुत करना भी सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यार्थियों को किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के साथ-साथ कम्युनिकेशन और प्रेजेंटेशन स्किल्स को भी मजबूत करना चाहिए।

इंडस्ट्री की जरूरतों से रूबरू हुए विद्यार्थी

ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान ‘ब्रिजिंग द गैप बिटवीन कैंपस एंड कॉरपोरेट’ विषय पर पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया। इसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद किया और कॉरपोरेट क्षेत्र की बदलती जरूरतों, रोजगार के नए अवसरों तथा इंडस्ट्री की अपेक्षाओं पर चर्चा की।

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अकादमिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ और आवश्यक प्रोफेशनल स्किल्स विद्यार्थियों को करियर में आगे बढ़ने में मदद करेंगी।

इसके बाद अपेक्स यूनिवर्सिटी के पूर्व विद्यार्थियों के साथ एलुमनी पैनल डिस्कशन आयोजित हुआ। पूर्व विद्यार्थियों ने अपने कॉलेज जीवन और करियर से जुड़े अनुभव नवप्रवेशित विद्यार्थियों के साथ साझा किए तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को लेकर उपयोगी सुझाव दिए।

गेम्स, डांस और बैंड ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह

ओरिएंटेशन के दूसरे दिन विद्यार्थियों के लिए आइस-ब्रेकिंग गेम्स, डांस परफॉर्मेंस, सोलो डांस, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बैंड प्रस्तुति सहित कई गतिविधियां आयोजित की गईं। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

कार्यक्रम के दौरान शुभांकर मिश्रा सहित आमंत्रित अतिथियों का सम्मान अपेक्स यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर वेदांशु जूनिवाल ने किया। इसके बाद क्रिएट टीम का परिचय, समापन संबोधन और धन्यवाद ज्ञापन हुआ।

बैंड की शानदार प्रस्तुति के साथ ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन का समापन हुआ। कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को जहां विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं कॉरपोरेट परिवेश से परिचित कराया, वहीं विशेषज्ञों और पूर्व विद्यार्थियों के संवाद ने उन्हें अपने करियर को लेकर नई दिशा और सोच विकसित करने का अवसर भी दिया।

- कॉपी लिंक

कहीं किसी फोटो में प्रकृति का अप्रतिम सौंदर्य झलक रहा था, तो किसी अन्य में गमले का छोटा सा पौधा पर्यावरण का बड़ा संदेश दे रहा था। कुछ ऐसा ही नजारा था बुधवार को जेएलएन मार्ग स्थित एमएनआईटी की नमो आर्ट गैलरी का, जहां वरिष्ठ छाया कलाकार महेश स्वामी की 24वीं फोटो एवं कला प्रदर्शनी पोयम्स ऑफ द नेचर का शुभारंभ हुआ। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित इस 15 दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन एमएनआईटी के निदेशक प्रो. नारायण प्रसाद पाढी ने पौधे को पानी देकर किया। विशिष्ट अतिथि राजस्थान कला अकादमी के पूर्व चेयरमैन प्रो. भवानी शंकर शर्मा और एमएनआईटी के प्रो. नंद कुमार थे।

इस अवसर पर प्रो. पाढी ने कहा कि स्वामी के चित्रों में प्रकृति को करीब से देखने और समझने का मौका मिलता है। उनके फोटो विविधता लिए हुए होते हैं, जो सभी को आकर्षित करते हैं। वहीं प्रो. शर्मा ने कहा कि स्वामी के चित्र प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति उनके अनुराग और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। उनके चित्रों में प्रकृति का हर रंग अनूठे तरीके से उकेरा गया है। यह उनके जीवन की लंबी सृजनात्मक यात्रा को समझने में प्रत्येक कलानुरागी की मदद करते हैं। वहीं स्वामी ने बताया कि इस प्रदर्शनी में उनके 40 चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जो उनके सरकारी आवास के बगीचे के सौंदर्य पर आधारित हैं। बकौल स्वामी, वे अब तक दो दर्जन से अधिक प्रदर्शनियां शहर भर में अनेक स्थानों पर आयोजित कर चुके हैं। यह प्रदर्शनी सुबह नौ बजे से सायं छह बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी का समापन दो सितंबर को होगा।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें