जयपुर में जलभराव से परेशान लोगों ने सड़क पर चलाई नाव, निवारू रोड पर जल सत्याग्रह
जयपुर में जलभराव से परेशान लोगों ने सड़क पर चलाई नाव, निवारू रोड पर जल सत्याग्रह झोटवाड़ा क्षेत्र में बीते करीब 25 वर्षों से ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम की समस्या है. Published : August 9, 2026 at 8:35 PM IST जयपुर: राजधानी…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर में जलभराव से परेशान लोगों ने सड़क पर चलाई नाव, निवारू रोड पर जल सत्याग्रह
झोटवाड़ा क्षेत्र में बीते करीब 25 वर्षों से ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम की समस्या है.
Published : August 9, 2026 at 8:35 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर में बारिश के बाद जलभराव और बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया. झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के निवारू रोड पर रविवार को बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं. हालात इतने खराब हो गए कि स्थानीय निवासियों ने जलभराव वाली सड़क पर ही धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया. लोगों ने प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए सड़क पर सांकेतिक नाव भी चलाई.
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कम बारिश के बावजूद सड़क पर करीब तीन-तीन फीट गहरे गड्ढों में पानी जमा हो गया. जलभराव के कारण आम लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई. कई स्थानों पर सड़क और गड्ढों का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे हादसे का खतरा भी बना हुआ है.
25 साल से ड्रेनेज और सीवरेज की समस्या: प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि झोटवाड़ा क्षेत्र में बीते करीब 25 वर्षों से ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम की समस्या बनी है. बारिश होते ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं. गंदा पानी लोगों के घरों और रास्तों तक पहुंच जाता है. लोगों का कहना है कि लंबे समय से समस्या उठाने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया.
निकासी के इंतजाम नहीं: स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि करीब एक महीने पहले ही बनाई गई नई सड़क के हालात भी बारिश के बाद खराब हो गए. सड़क पर पानी जमा होने और गड्ढों के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. उनका कहना है कि सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है.
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शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं: निवासियों का कहना था कि प्रशासन की शिकायत व्यवस्था के तहत 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. लोगों ने सवाल उठाया कि जब शिकायत दर्ज कराने के बाद भी मौके पर कार्रवाई नहीं होती तो आम नागरिक अपनी समस्या किसके सामने रखे.
आवाजाही बाधित: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव केवल आवाजाही की समस्या नहीं है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटना, गंदे पानी और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. लंबे समय से समस्या झेल रहे लोगों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था बनानी होगी.
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सांसद और विधायक के खिलाफ भी नाराजगी: जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी देखने को मिली. प्रदर्शनकारियों ने झोटवाड़ा विधायक और जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र के खिलाफ भी रोष जताया. लोगों ने आरोप लगाया कि सांसद, विधायक और मंत्री क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है. लोगों ने जनप्रतिनिधियों से मांग की कि वे जयपुर विकास प्राधिकरण यानी JDA से बातचीत कर ड्रेनेज और सीवरेज की समस्या का स्थायी समाधान करवाएं.
नाव चलाकर जताया विरोध: प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने जलभराव वाली सड़क पर सांकेतिक नाव चलाकर विरोध जताया. लोगों का कहना था कि सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि बारिश के दिनों में पैदल या वाहन से गुजरना मुश्किल हो जाता है. इसी वजह से उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से सड़क पर नाव चलाकर प्रशासन को संदेश देने की कोशिश की.
सरकार पर तंज: प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर तंज कसा कि यदि बारिश के बाद सड़कों पर इसी तरह पानी भरना है तो बीएमडब्ल्यू कारों की जगह अब नावों का इंतजाम करना पड़ेगा. लोगों ने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे बारिश के मौसम में आम नागरिकों को अपने घरों और कामकाज तक पहुंचने में परेशानी न हो.
वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधा नहीं: स्थानीय निवासियों के मुताबिक क्षेत्र का नियमन हुए करीब 10 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़क, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी हैं. बारिश के दौरान हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं और गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है.
प्रभावी ड्रेनेज नेटवर्क की दरकार: लोगों का कहना था कि शहर के विस्तार और नई कॉलोनियों के विकास के साथ जल निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए था. केवल सड़क बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रभावी ड्रेनेज नेटवर्क तैयार नहीं किया जाता.
बोले प्रदर्शनकारी-अब बर्दाश्त की सीमा पार: जलभराव के बीच धरने पर बैठे स्थानीय लोगों ने कहा कि वे लंबे समय से इस समस्या को झेल रहे हैं और अब बर्दाश्त की सीमा पार हो चुकी है. लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने और स्थायी समाधान की मांग की.
निवारू रोड पर प्रदर्शन: झोटवाड़ा क्षेत्र के निवारू रोड पर हुआ प्रदर्शन जयपुर में मानसून के दौरान जलभराव और ड्रेनेज व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करता है. स्थानीय निवासियों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का सर्वे कर जल निकासी की ठोस योजना बनाए और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि हर बारिश में लोगों को सड़क पर उतरकर विरोध न करना पड़े.
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