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राजस्थान निकाय चुनाव में बड़ा ट्विस्ट: जनता नहीं, अब पार्षद चुनेंगे मेयर और चेयरमैन! जानिए अंदर की पूरी रणनीति

राजस्थान में निकाय चुनावों की अधिसूचना से पहले यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के एक बयान ने बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है। मंत्री ने संकेत दिए हैं कि इस बार जनता सीधे नहीं, बल्कि निर्वाचित पार्षद ही मेयर और सभापति चुनेंगे।…

Navbharat Times के अनुसार7 अगस्त 2026 को 08:15 am बजे
राजस्थान निकाय चुनाव में बड़ा ट्विस्ट: जनता नहीं, अब पार्षद चुनेंगे मेयर और चेयरमैन! जानिए अंदर की पूरी रणनीति

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान में निकाय चुनावों की अधिसूचना से पहले यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के एक बयान ने बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है। मंत्री ने संकेत दिए हैं कि इस बार जनता सीधे नहीं, बल्कि निर्वाचित पार्षद ही मेयर और सभापति चुनेंगे।

सीकर: राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों की तारीखों और प्रक्रिया पर चुनाव आयोग की अधिसूचना का इंतजार भले ही जारी हो, लेकिन यूडीएच राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। सीकर में आयोजित भाजपा की संगठनात्मक बैठक के दौरान मंत्री खर्रा ने स्पष्ट संकेत दिया कि इस बार नगर निगम के मेयर, नगर परिषद के सभापति और नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि निर्वाचित पार्षद करेंगे। स्वायत्त शासन राज्य मंत्री के इस बयान को अब सरकार की आगामी चुनावी रणनीति और निकाय चुनाव व्यवस्था पर अंतिम मुहर के रूप में देखा जा रहा है।

सीधे निकाय प्रमुख के चुनाव परिणाम से बिगड़ी बात

खर्रा ने कहा कि पहले जब चेयरमैन का सीधा चुनाव कराया गया था, तब कई जगह चेयरपर्सन और पार्षद अलग-अलग विचारधारा के चुने गए। इसका नतीजा यह हुआ कि पूरे पांच साल तक बोर्डों में खींचतान चलती रही और विकास कार्य प्रभावित हुए। इसलिए अब पहले की तरह निर्वाचित पार्षदों के जरिए ही मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा।

'विकास चाहिए तो विचारधारा भी एक होनी चाहिए'

यूडीएच राज्यमंत्री ने कहा कि किसी भी नगर निकाय के सुचारू संचालन और विकास के लिए जरूरी है कि बोर्ड और उसका प्रमुख एक ही सोच और विचारधारा के हों। अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा होने से निर्णय लेने में बाधाएं आती हैं और जनता का विकास प्रभावित होता है।

ओबीयी आयोग की रिपोर्ट पर कैबिनेट में बड़ा फैसला

निकाय और पंचायतीराज चुनावों में हो रही देरी पर मंत्री खर्रा ने कहा कि वर्ष 2021-22 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर ट्रिपल टेस्ट पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद ओबीसी आयोग का गठन किया गया, जिसने प्रशासन के सहयोग से आवश्यक आंकड़े जुटाने का काम शुरू किया। इस बीच एसआईआर और जनगणना जैसी प्रक्रियाओं के कारण कुछ देरी हुई। अब 5 अगस्त को आयोग अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंप चुका है। इस रिपोर्ट पर 7 अगस्त को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और इसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

भाजपा का स्पष्ट संदेश- टिकट उसी को, जिसने पार्टी के लिए काम किया

बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और निकाय चुनाव के संभाग प्रभारी शंकर सिंह राजपुरोहित ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि निकाय चुनाव में भाजपा का टिकट केवल पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता को ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा में पद से बड़ा संगठन है और कार्यकर्ता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर पन्ना प्रमुख तक हर व्यक्ति कार्यकर्ता है।

'कमल का फूल ही प्रत्याशी मानें'

भाजपा नेताओं ने संगठनात्मक बैठक में मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव में व्यक्तिगत दावेदारी से ऊपर उठकर 'कमल के फूल को ही प्रत्याशी' मानकर चुनाव लड़ना और लड़ाना है। इसी रणनीति के तहत संगठन ने विभिन्न पदाधिकारियों से फीडबैक भी लिया।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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