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सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़े पर पुलिस की नजर, राजस्थान में बनेगा स्पेशल सेल; नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त

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Amar Ujala के अनुसार11 अगस्त 2026 को 12:16 pm बजे
सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़े पर पुलिस की नजर, राजस्थान में बनेगा स्पेशल सेल; नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त

सौजन्य से:- Amar Ujala

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सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़े पर पुलिस की नजर, राजस्थान में बनेगा स्पेशल सेल; नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त

Tue, 11 Aug 2026 05:04 PM IST

Sourabh Bhatt

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: Sourabh Bhatt

Updated Tue, 11 Aug 2026 05:04 PM IST

सार

राजस्थान पुलिस सरकारी कल्याण योजनाओं में फर्जीवाड़े पर विशेष सेल बनाएगी। सम्मान निधि, जननी सुरक्षा और प्रधानमंत्री बीमा योजना में धोखाधड़ी की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे।

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विस्तार

राजस्थान पुलिस अब सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में होने वाले फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर विशेष निगरानी रखेगी। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने सम्मान निधि, जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री बीमा योजना समेत विभिन्न योजनाओं में धोखाधड़ी की जांच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और स्पेशल सेल गठित करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, महिला एवं बाल अपराध तथा विभिन्न विशेष अभियानों की समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस कमिश्नर, रेंज आईजी, डीसीपी और जिला पुलिस अधीक्षक बैठक से जुड़े।

2026 में अपराध दर 17.25 फीसदी घटी

बैठक में 2024, 2025 और जुलाई 2026 तक के अपराध आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा की गई। आंकड़ों के अनुसार, 2024 की तुलना में 2026 के पहले सात महीनों में राजस्थान में कुल अपराध 17.25 फीसदी घटा, जबकि संपत्ति संबंधी अपराधों में 32.32 फीसदी की कमी दर्ज हुई।

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2025 की तुलना में 2026 में पॉक्सो मामलों में 21.56 फीसदी, डकैती में 25.49 फीसदी, लूट में 20.84 फीसदी, वयस्कों से दुष्कर्म के मामलों में 10.67 फीसदी और हत्या के प्रयास के मामलों में 9.81 फीसदी कमी दर्ज की गई।

यह भी पढें- क्रूरता की हदें: बच्चा नहीं हुआ तो बहू को मौत के घाट उतार दिया! पति, सास और ससुर को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

साइबर अपराध पर भी विशेष फोकस

डीजीपी ने साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए सभी जिलों के साइबर थानों में स्वीकृत और उपलब्ध पुलिसकर्मियों की स्थिति की समीक्षा की। साइबर अपराध की एफआईआर और गिरफ्तारियों, म्यूल बैंक खातों, साइबर अपराध हॉटस्पॉट और अपराध में इस्तेमाल हो रहे सिम कार्ड के खिलाफ कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। महिला एवं बाल अपराध के मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित जांच और निर्धारित समय सीमा में अनुसंधान पूरा करने के निर्देश दिए गए।

विशेष अभियान में 1,248 वांछित अपराधी गिरफ्तार

20 जुलाई से 2 अगस्त तक चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 1,248 वांछित और संगठित अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 614, आर्म्स एक्ट में 226 और अवैध खनन से जुड़े 474 मामले दर्ज किए गए। साइबर अपराध में 426 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई।

ट्रैफिक उल्लंघन पर 3.73 लाख कार्रवाई

यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ 3,73,104 कार्रवाई की गईं। इनमें मोटर वाहन अधिनियम के तहत 1,69,089, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 87,357 और ओवरस्पीडिंग के 80,023 मामले शामिल हैं। पुलिस ने नेक्स्ट-जेन ई-चालान सिस्टम लागू करने की तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए। डिजिटल सुरक्षा के मोर्चे पर महिला एवं बाल अपराध से संबंधित 98.8 फीसदी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की धमकी वाले 88.8 फीसदी सोशल मीडिया पोस्ट हटवाने में पुलिस सफल रही।

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पुलिस मुख्यालय में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, महिला एवं बाल अपराध तथा विभिन्न विशेष अभियानों की समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस कमिश्नर, रेंज आईजी, डीसीपी और जिला पुलिस अधीक्षक बैठक से जुड़े।

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2026 में अपराध दर 17.25 फीसदी घटी

बैठक में 2024, 2025 और जुलाई 2026 तक के अपराध आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा की गई। आंकड़ों के अनुसार, 2024 की तुलना में 2026 के पहले सात महीनों में राजस्थान में कुल अपराध 17.25 फीसदी घटा, जबकि संपत्ति संबंधी अपराधों में 32.32 फीसदी की कमी दर्ज हुई।

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2025 की तुलना में 2026 में पॉक्सो मामलों में 21.56 फीसदी, डकैती में 25.49 फीसदी, लूट में 20.84 फीसदी, वयस्कों से दुष्कर्म के मामलों में 10.67 फीसदी और हत्या के प्रयास के मामलों में 9.81 फीसदी कमी दर्ज की गई।

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साइबर अपराध पर भी विशेष फोकस

डीजीपी ने साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए सभी जिलों के साइबर थानों में स्वीकृत और उपलब्ध पुलिसकर्मियों की स्थिति की समीक्षा की। साइबर अपराध की एफआईआर और गिरफ्तारियों, म्यूल बैंक खातों, साइबर अपराध हॉटस्पॉट और अपराध में इस्तेमाल हो रहे सिम कार्ड के खिलाफ कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। महिला एवं बाल अपराध के मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित जांच और निर्धारित समय सीमा में अनुसंधान पूरा करने के निर्देश दिए गए।

विशेष अभियान में 1,248 वांछित अपराधी गिरफ्तार

20 जुलाई से 2 अगस्त तक चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 1,248 वांछित और संगठित अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 614, आर्म्स एक्ट में 226 और अवैध खनन से जुड़े 474 मामले दर्ज किए गए। साइबर अपराध में 426 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई।

ट्रैफिक उल्लंघन पर 3.73 लाख कार्रवाई

यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ 3,73,104 कार्रवाई की गईं। इनमें मोटर वाहन अधिनियम के तहत 1,69,089, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 87,357 और ओवरस्पीडिंग के 80,023 मामले शामिल हैं। पुलिस ने नेक्स्ट-जेन ई-चालान सिस्टम लागू करने की तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए। डिजिटल सुरक्षा के मोर्चे पर महिला एवं बाल अपराध से संबंधित 98.8 फीसदी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की धमकी वाले 88.8 फीसदी सोशल मीडिया पोस्ट हटवाने में पुलिस सफल रही।

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