अजमेर नगर निगम: निर्दलीयों को लेकर अपने अपने दावे...पहले दिन मेयर पद के लिए एक भी नामांकन नहीं,
अजमेर नगर निगम: निर्दलीयों को लेकर अपने अपने दावे...पहले दिन मेयर पद के लिए एक भी नामांकन नहीं, बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस को चार और भाजपा को नौ पार्षदों की जरूरत. 11 निर्दलीय तय करेंगे कौन बनेगा महापौर?. Published : Se…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अजमेर नगर निगम: निर्दलीयों को लेकर अपने अपने दावे...पहले दिन मेयर पद के लिए एक भी नामांकन नहीं,
बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस को चार और भाजपा को नौ पार्षदों की जरूरत. 11 निर्दलीय तय करेंगे कौन बनेगा महापौर?.
Published : September 15, 2026 at 7:44 PM IST
अजमेर: अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों का परिणाम आने के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपना बोर्ड बनाने का दावा कर रहे हैं. कांग्रेस के 37 और भाजपा के 32 नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ 11 निर्दलीय पार्षदों ने मंगलवार को रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस को जहां चार निर्दलीयों का साथ चाहिए तो भाजपा को नौ पार्षदों की जरूरत है. मेयर पद के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 16 सितंबर को दोपहर तीन बजे तक है. मंगलवार को मेयर पद के लिए एक भी नामांकन नहीं मिला. इधर, खरीद-फरोख्त के भय से कांग्रेस और भाजपा ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है. कांग्रेस पार्षदों को शपथ के लिए बाड़ेबंदी से जिला मुख्यालय परिसर पर रिटर्निंग अधिकारी के दफ्तर लाया गया.
भाजपा की विफलता से कांग्रेस के पक्ष में जनादेश : शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा, सभी निर्दलीय पार्षद हमारे संपर्क में हैं. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नगर निगम में अपना बोर्ड बनाएगी और शहर के विकास के नए आयाम स्थापित करेगी. डॉ. जयपाल ने कहा, अजमेर में शहरी जनता ने कांग्रेस पर लंबे समय बाद विश्वास जताया है. कांग्रेस ने भाजपा की 36 वर्षों की विफलता और शहर की दोनों विधानसभा सीटों पर 25 वर्षों से काबिज भाजपा विधायकों की विफलता को मुद्दा बनाया. फूड कोर्ट, सेवन वेंडर्स के नाम पर जनता के धन की बर्बादी की. मूलभूत सुविधाएं और विकास नहीं हुआ. इसका परिणाम है कि मतदाता ने जनादेश कांग्रेस के पक्ष में दिया.
भाजपा ने कहा-8वीं बार बनेगा हमारा बोर्ड: शहर भाजपा के प्रवक्ता विक्रम सिंह ने बताया कि भाजपा जनादेश का सम्मान करती है. उन्होंने दावा किया है कि भाजपा नगर निगम में अपनी 36 वर्षों के कब्जे को बरकरार रखेगी एवं आठवीं बार बोर्ड बनाने जा रही है. उन्होंने इशारों में कहा, राज को राज ही रहने दें. देखें भाजपा 21 सितंबर को नगर निगम में अपना बोर्ड बनाएगी. भाजपा को मिले जनादेश को लेकर पार्टी में समीक्षा और मंथन भी हो रहा है.
बोर्ड बनाना बड़ी चुनौती : इस बीच, राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए अजमेर निगम में अपना बोर्ड बनाना बड़ी चुनौती है. इसके लिए 9 निर्दलीयों के समर्थन की आवश्यकता है. चर्चा है कि भाजपा उन छह निर्दलीयों के संपर्क में है, जो पार्टी से बगावत कर मैदान में उतरे एवं जीते. ऐसा होने पर भी भाजपा को तीन पार्षदों की जरूरत और पड़ेगी. उधर, कांग्रेस भी निर्दलीयों में सेंधमारी करने में जुटी है.
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