जयपुर मेयर चुनाव: बहुमत नहीं फिर भी मैदान में कांग्रेस, मेयर प्रत्याशी सुनीता महावर बोलीं- भाजपा राज में बदहाल हुआ जयपुर
जयपुर मेयर चुनाव: बहुमत नहीं फिर भी मैदान में कांग्रेस, मेयर प्रत्याशी सुनीता महावर बोलीं- भाजपा राज में बदहाल हुआ जयपुर परिसीमन और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, सुनीता महावर ने कहा-संसाधनों के दुरुपयोग से 57 सीटों पर…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर मेयर चुनाव: बहुमत नहीं फिर भी मैदान में कांग्रेस, मेयर प्रत्याशी सुनीता महावर बोलीं- भाजपा राज में बदहाल हुआ जयपुर
परिसीमन और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, सुनीता महावर ने कहा-संसाधनों के दुरुपयोग से 57 सीटों पर सिमटी कांग्रेस
Published : September 20, 2026 at 5:58 PM IST
जयपुर: नगर निगम में बहुमत नहीं होने के बावजूद कांग्रेस ने महापौर चुनाव के लिए बड़ा दांव खेला है. कांग्रेस ने पार्षद सुनीता महावर को मेयर प्रत्याशी बनाया है. सुनीता महावर चार बार पार्षद रह चुकी हैं. ईटीवी भारत से खास बातचीत में सुनीता महावर ने कहा कि भाजपा के राज में जयपुर की हालत बदहाल हो चुकी है. उन्होंने भाजपा पार्षदों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मेयर चुनाव में वोट करें. सुनीता महावर ने शहर की मौजूदा स्थिति, कांग्रेस की रणनीति और जयपुर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए 2 नगर निगम बनाए जाने की वकालत भी की.
सवाल: कांग्रेस ने आपको महापौर प्रत्याशी बनाया है, आपके प्रमुख एजेंडे क्या होंगे?
जवाब: सुनीता महावर ने कहा-हमारा मुख्य एजेंडा जयपुर शहर को लेकर है. जयपुर विश्व विरासत है, जिसे यूनेस्को से वर्ल्ड हेरिटेज का तमगा मिला है, वह तमगा अब खतरे में है. परकोटा बदहाल हो रहा है. जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं. आवारा पशुओं की समस्या बनी हुई है. सीवर उफनते रहते हैं. नालियों की सफाई नहीं होती. आवारा पशुओं से पर्यटक परेशान होते हैं. कई बार पर्यटक घायल भी हो जाते हैं. इससे जयपुर की गलत छवि बनती है. लोग यहां घूमने आते हैं तो गंदगी की फोटो खींचकर ले जाते हैं और बताते हैं कि जयपुर कितना गंदा है.
सुनीता महावर ने आगे कहा- हमारी प्राथमिकता रहेगी कि जयपुर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए. कागजों में दावा किया जाता है कि 99 प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण हो रहा है, जबकि हकीकत में 5 प्रतिशत भी नहीं हो रहा है. भाजपा सरकार ने केंद्र की अमृत योजना के तहत प्लास्टिक के पाइप डाल दिए, जहां 10 इंच की लाइन डालनी थी, वहां 8 इंच की लाइन डाल दी. स्वाभाविक है कि वह बंद रहेगी. अब हर जगह सीवर की समस्या हो रही है. इसका मेंटेनेंस भी नहीं हो रहा है. हमें पता है कि सफाई में कमी क्यों रही है.
सीवर क्यों उफन रहे हैं? आवारा पशुओं का उपाय क्यों नहीं हो रहा है? परकोटे में अभी अग्निकांड हुआ था. आए दिन अग्निकांड होते हैं. परकोटे में ज्वलनशील पदार्थों के गोदाम बने हुए हैं. जिन चीजों पर काम होना चाहिए, उन पर काम नहीं होता.भाजपा का बोर्ड लंबे समय से जयपुर में है. उसने शहर को बदहाल स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है. हमारी प्राथमिकता रहेगी कि शहर की दशा सुधारी जाए. इसके लिए हम सभी से अपील कर रहे हैं.जयपुर शहर को सवाई जयसिंह द्वितीय ने बसाया था. इसका हेरिटेज हमारी विरासत है. हवेलियों को तोड़कर कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं. इन चीजों को रोकना होगा. ताकि बाहर से टूरिस्ट यहां आए, पर्यटन बढ़े और विश्व पटल पर जयपुर का नाम रोशन हो. हम इसी दिशा में काम करेंगे.
सवाल: बीजेपी के पास बहुमत है, क्या लगता है कांग्रेस सेंधमारी कर पाएगी?
जवाब: सुनीता महावर ने कहा- जो जनप्रतिनिधि जीते हैं, वे भी हर गली-मोहल्ले में पहुंचे होंगे और इन समस्याओं से रूबरू हुए होंगे. आमजन हर जगह पीड़ित है. अगर वे चाहते हैं कि जयपुर के प्रति उनकी जिम्मेदारी है तो उन्हें एक ऐसे अनुभवी व्यक्ति को मौका देना चाहिए जो जड़ से जुड़ा हुआ है और जिसे हर समस्या का समाधान मालूम है. आगे जो भी बोर्ड बनता है या नौकरशाही है, वह इन समस्याओं को नहीं समझ सकती. हम उनसे जयपुर को सुधारने की अपील करते हैं. वे जयपुर के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं. ऐसा मत दें जिससे जयपुर विश्व पटल पर चमके.
सवाल: क्या उम्मीद है कि भाजपा के पार्षद कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे?
जवाब: सुनीता महावर ने कहा- हमें उम्मीद है कि भाजपा के पार्षद हमारे पक्ष में मतदान करेंगे, क्योंकि जिन्हें भाजपा ने मेयर प्रत्याशी बनाकर उतारा है, वे धरातल पर कभी सक्रिय नहीं रहे. उन्हें नहीं मालूम कि यहां की सड़कों पर आम आदमी कितना परेशान है. यहां डॉग बाइट के कितने केस हैं. हर गली-मोहल्ले में 8 से 10 डॉग हैं, लेकिन इसको लेकर कोई योजना नहीं है. कोई व्यवस्था नहीं है. पार्किंग के ठेके नहीं हैं, लेकिन पर्चियां कट रही हैं. उनका कोई हल नहीं निकल रहा है, जिन्हें जयपुर से प्रेम है और जो जयपुर को सुधारना चाहते हैं, मुझे लगता है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जयपुर की विरासत को संजोने और संभालने के लिए आगे बढ़कर मतदान करेंगे.
सवाल: इस बार कांग्रेस ने जयपुर में मिशन-100 का टारगेट तय किया था, 57 सीटें आईं, कहां कमी रही?
जवाब: सुनीता महावर ने कहा- कोई कमी नहीं रही, जिस तरह से भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा रहा है, उन्होंने उसी तरीके से काम किया है. परिसीमन जिस तरह से वार्डों में किया गया, वार्डों के नक्शे के अनुसार वोटर लिस्ट नहीं बनाई गई. मेरा वोट काटकर दूसरे वार्ड में डाल दिया गया. भाजपा ने जिस तरह से संसाधनों का दुरुपयोग किया है, उससे कांग्रेस की 57 सीटें आई हैं. वरना कांग्रेस का बोर्ड बना हुआ था. हमें स्पष्ट जनादेश मिला हुआ था.
सवाल: जयपुर में पहले दो नगर निगम थे, वापस एक कर दिया गया. क्या लगता है दो नगर निगम होने चाहिए?
जवाब: सुनीता महावर ने कहा-जयपुर शहर का जितना विस्तार हुआ है, शहर बहुत बड़ा हो गया है. अगर एक नंबर वार्ड का व्यक्ति लालकोठी नगर निगम तक आएगा या बगराना का व्यक्ति लालकोठी तक आएगा तो उसे परेशानी होगी. हेरिटेज के वार्ड हैं, हेरिटेज की अपनी अलग समस्याएं हैं. उनके लिए अलग विजन की जरूरत है, जो हेरिटेज को संरक्षित कर सके, आगे बढ़ा सके और उसकी सुंदरता कायम रख सके. उसके लिए अलग हेरिटेज नगर निगम होना चाहिए. कई राज्यों में दो-दो नगर निगम हैं.स्वाभाविक है कि जब शहर बढ़ जाता है तो जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. कांग्रेस सरकार का वह उचित निर्णय था और ऐसा ही निर्णय होना चाहिए था, लेकिन भाजपा को अंदेशा रहता है. बोर्ड बनाने के लिए जो भी रणनीति सरकार कर सकती थी, वह उन्होंने की.दो नगर निगम होने चाहिए. इससे मॉनिटरिंग सही और सटीक होती है. हेरिटेज की अपनी अलग व्यवस्थाएं हैं और जो बाहरी क्षेत्र है, उसकी अलग समस्याएं हैं. इसलिए दो नगर निगम होने चाहिए.
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