अमेरिकी महिला ने जयपुर के SMS अस्पताल में कराया ऑपरेशन, अमेरिका से 70 गुना सस्ता हुआ इलाज
अमेरिकी महिला ने जयपुर के SMS अस्पताल में कराया ऑपरेशन, अमेरिका से 70 गुना सस्ता हुआ इलाज अमेरिका की एमेथिस्ट मैकाडोरे ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी का सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन कराया. Publis…

सौजन्य से:- etvbharat.com
अमेरिकी महिला ने जयपुर के SMS अस्पताल में कराया ऑपरेशन, अमेरिका से 70 गुना सस्ता हुआ इलाज
अमेरिका की एमेथिस्ट मैकाडोरे ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी का सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन कराया.
Published : September 23, 2026 at 1:20 PM IST
जयपुर: राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकों के हुनर का डंका अब सात समंदर पार अमेरिका तक गूंज उठा है. जहां एक ओर इलाज के भारी-भरकम खर्च के कारण दुनिया के लोग परेशान हैं, वहीं अमेरिका की 28 वर्षीय नागरिक एमेथिस्ट मैकाडोरे ने जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल की विशेषज्ञता पर भरोसा जताया. उन्होंने यहां के सर्जिकल यूनिट-5 में पित्त की थैली की पथरी का न केवल सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन कराया, बल्कि भारत की इस किफायती और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की मुरीद हो गईं. इलाज के बाद वो पूरी तरह स्वस्थ होकर वह अमेरिका लौट रही हैं. उन्होंने अस्पताल की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, डॉक्टरों की बेहतरीन देखभाल और किफायती इलाज पर संतोष जताया.
इंटरनेट पर रिसर्च के बाद चुना SMS अस्पताल: एमेथिस्ट ने भारत आने से पहले एसएमएस अस्पताल और सर्जिकल यूनिट-5 के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र बागड़ी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई थी. इसके बाद ही उन्होंने अपने उपचार के लिए एसएमएस अस्पताल को चुना. डॉ. राजेंद्र बागड़ी ने बताया कि सरकारी नियमों के तहत निर्धारित न्यूनतम शुल्क में उनकी सर्जरी की गई. लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन के बाद उन्हें अगले ही दिन चलने-फिरने के लिए मोबिलाइज कर दिया गया था और उनकी रिकवरी काफी संतोषजनक रही.
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अमेरिका और भारत के इलाज खर्च में भारी अंतर: अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अमेरिका में इसी सर्जरी पर करीब 15 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 14 लाख रुपए) तक का खर्च आता है, जबकि एसएमएस अस्पताल में यह सर्जरी महज 209 अमेरिकी डॉलर (20 हजार रुपए) में संपन्न हो गई. उन्होंने बताया कि उनके भारत आने-जाने, ठहरने और उपचार का कुल खर्च भी अमेरिका में केवल सर्जरी पर होने वाले अनुमानित खर्च से काफी कम रहा.
निजी अस्पताल की जगह जनरल वार्ड को दी प्राथमिकता: एमेथिस्ट ने किसी महंगे निजी अस्पताल के बजाय एसएमएस अस्पताल के जनरल वार्ड में रहकर उपचार कराना पसंद किया. उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं और चिकित्सकों की संवेदनशीलता की सराहना की. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह मामला सरकारी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उच्च उपलब्धता को दर्शाता है. पूरी तरह स्वस्थ होकर अमेरिका लौट रहीं एमेथिस्ट अपने साथ एसएमएस अस्पताल की बेहतरीन सेवाओं का एक सकारात्मक अनुभव लेकर जा रही हैं.
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