जोजरी-बांडी और लूणी नदियों के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, रिवर कमीशन बनाने का दिया निर्देश - supreme court takes tough stance on pollution in jojri bandi and luni rivers directs formation of river commission in order to rajasthan govt
जोजरी-बांडी और लूणी नदियों के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, रिवर कमीशन बनाने का दिया निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को जोजरी, बांडी और लूणी नदियों में प्रदूषण से निपटने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक एकी…

सौजन्य से:- Jagran
जोजरी-बांडी और लूणी नदियों के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, रिवर कमीशन बनाने का दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को जोजरी, बांडी और लूणी नदियों में प्रदूषण से निपटने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक एकीकृत समन्वय समूह बनाने का ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को दिया प्रदूषण से निपटने का निर्देश।
- जोजरी, बांडी, लूणी नदियों के प्रदूषण पर बनेगा समन्वय समूह।
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक सप्ताह में होगा गठन।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के अंदर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक एकीकृत समन्वय समूह गठित करे ताकि राज्य की जोजरी, बांडी और लूणी नदियों में प्रदूषण की समस्या से निपटा जा सके।
सर्वोच्च न्यायालय जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े एक स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहा था और बांडी और लूणी नदियों में प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया गया था।
जोजरी नदी जोधपुर से होकर गुजरती है, बांडी नदी पाली से बहती है, जबकि लूणी नदी बालोतरा से होकर निकलती है। बांडी और जोजरी नदियां बालोतरा शहर के पास लूणी नदी में मिल जाती हैं।
नदियों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश
शीर्ष अदालत ने कहा कि मुख्य सचिव राज्य के पर्यावरण, वन, जल संसाधन और उद्योग समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर सकते हैं।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से साफ जाहिर होता है कि नदियों के इकोसिस्टम में भारी गिरावट आई है, जल स्रोत प्रदूषित हुए हैं, औद्योगिक कचरा गैर-कानूनी तरीके से बहाया गया है, भूमि उपयोग से जुड़े नियमों में खामियां हैं और वन्यजीवों के स्थानों के संरक्षण व प्रभावित पारिस्थितिकी के पुनर्स्थापन को लेकर चुनौतियां हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान सरकार को पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करने वाले पर्यावरणीय उल्लंघनों और संबंधित अवैध गतिविधियों की समय पर रिपोर्टिंग के लिए एकीकृत सार्वजनिक रिपोर्टिंग और पर्यावरणीय शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने का निर्देश भी दिया है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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