भारत फिजिक्स ओलंपियाड में दिखा दुनिया को अपनी विज्ञान शक्ति
भारतीय छात्रों ने 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में इतिहास रच दिया. पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते, जिनमें चार कोटा कोचिंग से जुड़े थे. भारत ने दुनिया के 87 देशों को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया.

सौजन्य से:- AajTak
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कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड-2026 में भारत ने इतिहास रच दिया है. 87 देशों के बीच भारतीय टीम ने पहला स्थान हासिल किया. सबसे खास बात यह रही कि भारतीय टीम के सभी पांचों छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते और इनमें से चार छात्र कोटा कोचिंग से जुड़े रहे. भारतीय टीम में शामिल कनिष्क जैन, रिद्धेश बेंडाले, ऋषित गर्ग, स्वरित जोशी और एक अन्य छात्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को पांचों गोल्ड मेडल दिलाए. इस उपलब्धि के दम पर भारत ने दुनिया के 87 देशों को पीछे छोड़ते हुए रैंक-1 हासिल की.
छात्रों का बढ़ाया हौसला
कोटा एलन कोचिंग संस्थान के सीईओ नितिन कुकरेजा ने इसे भारतीय शिक्षा और वैज्ञानिक प्रतिभा के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उनका का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में उनके छात्रों का लगातार बेहतर प्रदर्शन देश की बढ़ती शैक्षणिक क्षमता को दर्शाता है. अब तक विभिन्न अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में कोटा एलन कोचिंग के छात्र 188 मेडल जीत चुके हैं, जिनमें 90 गोल्ड, 75 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल हैं.
चार चरणों में हुआ था छात्रों का चयन
इस प्रतियोगिता के लिए छात्रों का चयन चार चरणों में हुआ. पहले राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा, फिर इंडियन नेशनल फिजिक्स ओलंपियाड, उसके बाद ओरिएंटेशन-कम-सेलेक्शन कैंप और अंत में भारत की पांच सदस्यीय टीम का चयन किया गया. अंतिम मुकाबले में 87 देशों के 381 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
गोल्ड मेडल विजेता कनिष्क जैन ने कहा कि कोटा में मिली शैक्षणिक तैयारी और मार्गदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बेहद काम आया. वहीं, रिद्धेश बेंडाले और ऋषित गर्ग ने भी इस सफलता का श्रेय अपनी तैयारी और देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर को दिया. कक्षा 11 के छात्र स्वरित जोशी ने कहा कि सही समय पर शुरू की गई तैयारी बड़े मंच पर सफलता दिलाती है.
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भारत का विश्व मंच पर शानदार प्रदर्शन
भारत के छात्रों ने 56वें अंतर्राष्ट्रीय फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर देश का नाम रोशन किया. होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) के अनुसार, भारतीय छात्रों ने सैद्धांतिक परीक्षा में लगभग पूरे अंक हासिल किए, जबकि व्यावहारिक परीक्षा में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा. बता दें कि यह प्रतियोगिता में भारत की 27वीं भागीदारी थी. अब तक भारतीय प्रतिभागियों में से लगभग 44% ने गोल्ड मेडल 41% ने रजत पदक और 10% ने कांस्य पदक जीते हैं.
पिछले 10 साालों की बात करें, तो ओलंपियाड में शामिल होने वाला हर भारतीय छात्र पदक जीतकर लौटा है. इस दौरान 62% छात्रों ने गोल्ड और 38% ने रजत पदक हासिल किए. खास बात यह है कि भारत ने अब तक केवल दो बार एक ही संस्करण में सभी पांच स्वर्ण पदक जीते हैं, पहली बार 2018 में और दूसरी बार इस साल ही.
भारत के ओलंपियाड कार्यक्रम का संचालन टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के अंतर्गत आने वाले होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) द्वारा किया जाता है. यही संस्थान राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, प्रशिक्षण शिविरों और अंतिम पांच सदस्यीय टीम के चयन की पूरी प्रक्रिया संभालता है.
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इस साल भारतीय टीम का नेतृत्व HBCSE-TIFR के प्रोफेसर अन्वेष मजूमदार और सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई की डॉ. लीना जोशी ने किया. वहीं, वैज्ञानिक पर्यवेक्षक के रूप में IISER कोलकाता के प्रोफेसर आनंद दासगुप्ता और गोगटे-जोगलेकर कॉलेज, रत्नागिरी की निशा केलकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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