अजमेर: मक्खियों के बीच पॉम आयल से बन रही 2000 किलो सोहन पपड़ी जब्त, पिस्ता की जगह मिला रहे थे रंगी हुई मूंगफली
अजमेर: मक्खियों के बीच पॉम आयल से बन रही 2000 किलो सोहन पपड़ी जब्त, पिस्ता की जगह मिला रहे थे रंगी हुई मूंगफली सोहन पपड़ी का निर्माण बहुत ही अनहाइजीनिक और गंदगी भरे वातावरण में किया जा रहा था. 2000 किलो मिलावटी सोहन पपड़…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अजमेर: मक्खियों के बीच पॉम आयल से बन रही 2000 किलो सोहन पपड़ी जब्त, पिस्ता की जगह मिला रहे थे रंगी हुई मूंगफली
सोहन पपड़ी का निर्माण बहुत ही अनहाइजीनिक और गंदगी भरे वातावरण में किया जा रहा था. 2000 किलो मिलावटी सोहन पपड़ी जब्त की.
Published : August 3, 2026 at 9:49 PM IST
अजमेर: त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ जिला खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट हो गया है. विभाग की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना फूड लाइसेंस के संचालित हो रही सोहन पपड़ी बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा. मौके का नजारा देख टीम के भी होश उड़ गए. सोहन पपड़ी को गंदगी और लाखों मक्खियों के बीच जमीन पर बनाया जा रहा था. टीम ने लगभग 2000 किलो सोहन पपड़ी जब्त कर ली है.
गंदगी और मक्खियों के बीच बन रही थी मिठाई: जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी केसरी नंदन शर्मा ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा, जयपुर तथा औषधि नियंत्रण विभाग और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर की ओर से त्योहारी सीजन को देखते हुए मिलावटयुक्त खाद्य सामग्रियों की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. इन निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को अजमेर के निकट ब्यावर रोड स्थित सोमलपुर गांव में सोहन पपड़ी की निर्माण इकाई पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल ने छापामार कार्रवाई की. मौके पर सोहन पपड़ी का निर्माण बहुत ही अनहाइजीनिक और गंदगी भरे वातावरण में किया जा रहा था. शर्मा ने बताया कि बिना लाइसेंस संचालित इस फैक्ट्री में चारों तरफ लाखों मक्खियां भिनभिना रही थीं. इसके अलावा सोहन पपड़ी में भारी मात्रा में खाद्य रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा था.
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पिस्ता की जगह मूंगफली को हरा रंग: उन्होंने बताया कि पिस्ता कटिंग के नाम पर मूंगफली में हरा रंग मिलाकर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया. खाद्य कारोबारी शाहबाज पुत्र यासीन ने बताया कि यह सोहन पपड़ी रिफाइंड पामोलिन तेल और वनस्पति घी को मिलाकर तैयार की जा रही है. मौके पर शाहबाज ने होलसेल कैटेगरी का लाइसेंस दिखाया, जबकि यहां सोहन पपड़ी का निर्माण किया जा रहा था. शर्मा ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार निर्माण इकाई के लिए खाद्य अनुज्ञा पत्र होना अनिवार्य है. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सोहन पपड़ी के दो नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा नियम एवं अधिनियम 2011 के अंतर्गत लेने के बाद शेष लगभग 2000 किलो सोहन पपड़ी को मौके पर ही जब्त कर लिया.
जांच रिपोर्ट आने पर होगी अग्रिम कार्रवाई: जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी केसरी नंदन शर्मा ने बताया कि खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत आगे की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही खाद्य कारोबारी शाहबाज को अगले आदेशों तक निर्माण कार्य बंद करने के लिए पाबंद किया गया है. इस छापामार कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार, दीपक कुमार और राजेंद्र शर्मा के अलावा सहायक के रूप में राजकुमार इंदौरिया भी शामिल रहे.
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