31 जुलाई को राजस्थान में बारिश का रेड अलर्ट: समझाएं कानूनी दिशानिर्देश और सावधानियां
राजस्थान में मानसून की सक्रियता के कारण बारिश का रेड अलर्ट जारी है। प्रदेशभर में लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा।

सौजन्य से:- Hindustan
राजस्थान में 31 जुलाई को बारिश का रेड अलर्ट
पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून सक्रिय रहेगा। जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, पाली और नागौर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और शुक्रवार (31 जुलाई) को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। सक्रिय मानसूनी ट्रफ और निम्न दबाव तंत्र के असर से प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम बदला रहेगा।
पूर्वी राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश के आसार
मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी राजस्थान में बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है। जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर और आसपास के इलाकों में दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई दौर की बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने से शहरी इलाकों में जलभराव और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में भी बरसेंगे बादल
पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून सक्रिय रहेगा। जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, पाली और नागौर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई है।
नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ने की आशंका
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई बांध और नदियां पहले से ही उफान पर हैं। ऐसे में शुक्रवार को होने वाली बारिश से नदी-नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को बरसाती नालों, पुलियाओं और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों और पर्यटन स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों को भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
जयपुर में दिनभर छाए रहेंगे बादल
राजधानी जयपुर में सुबह से बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। दिन में कई बार हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में तेज बारिश के आसार हैं। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बारिश के कारण उमस में कमी आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
दक्षिण-पूर्वी जिलों में भारी बारिश का खतरा
कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जैसे दक्षिण-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में खेतों, ग्रामीण सड़कों और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। किसानों को मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
1 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सक्रियता 31 जुलाई के बाद भी तुरंत कमजोर नहीं पड़ेगी। एक अगस्त तक अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने के संकेत हैं।
लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों में नहीं रुकने और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। वाहन चालकों को भी फिसलन वाली सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है। जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है, वहां स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
प्रदेशभर में सतर्क रहने की जरूरत
कुल मिलाकर 31 जुलाई को राजस्थान में मानसून का असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा। पूर्वी राजस्थान में भारी से अति भारी बारिश का खतरा अधिक रहेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी अच्छी बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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