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राजस्थान में बारिश के बावजूद कम जलभराव की चुनौती

राजस्थान में मानसून सक्रिय होने के बावजूद राज्य के बांधों में पिछले साल की तुलना में पानी की स्थिति कमजोर है। 693 बांधों में अभी 49.82 प्रतिशत पानी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 77.01 प्रतिशत जलभराव था।

Amar Ujala के अनुसार10 अगस्त 2026 को 06:15 pm बजे
राजस्थान में बारिश के बावजूद कम जलभराव की चुनौती

सौजन्य से:- Amar Ujala

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बारिश के बावजूद खाली पड़े हैं बांध: राजस्थान के जलाशयों में महज 49% पानी; कोटा सबसे आगे, जोधपुर में बुरे हाल

Mon, 10 Aug 2026 11:03 PM IST

हिमांशु सिंह बघेल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: हिमांशु सिंह बघेल

Updated Mon, 10 Aug 2026 11:03 PM IST

सार

राजस्थान में मानसून सक्रिय होने के बावजूद राज्य के बांधों में पिछले साल की तुलना में पानी की स्थिति कमजोर है। 693 बांधों में अभी 49.82 प्रतिशत पानी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 77.01 प्रतिशत जलभराव था। प्रदेश में 223 बांध पूरी तरह खाली हैं, 454 आंशिक रूप से भरे हैं और सिर्फ 16 बांध पूरी तरह भर पाए हैं।

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विस्तार

राजस्थान में मानसून की मेहरबानी हुई है। कई जिलों में लगातार बारिश का सिलसिला बना हुआ है, लेकिन राज्य के बांधों में इस वर्ष अभी तक बीते साल की तुलना में जलभराव की स्थिति काफी कमजोर है। राज्य के कुल 693 बांधों की कुल जलभराव क्षमता 13,029.09 मिलियन घन मीटर है, जिसके मुकाबले वर्तमान में 6,490.48 मिलियन घन मीटर पानी ही उपलब्ध है। यह कुल क्षमता का 49.82 प्रतिशत है। पिछले साल इसी अवधि में बांधों में 10,033.97 मिलियन घन मीटर पानी उपलब्ध था, जो 77.01 प्रतिशत जलभराव को दर्शाता था। इस तरह इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले पानी का स्तर लगभग 27 प्रतिशत कम है।

कोटा संभाग में जलभराव की स्थिति सबसे बेहतर

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटा संभाग में जलभराव की स्थिति सबसे बेहतर है। कोटा जोन के बांधों में सर्वाधिक 62.74 प्रतिशत पानी मौजूद है। इसके विपरीत, जोधपुर जोन के बांधों में सबसे कम 18.49 प्रतिशत पानी ही बचा है। अन्य संभागों में बांसवाड़ा जोन 51.06 प्रतिशत जलभराव के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि जयपुर जोन में 48.88 प्रतिशत, उदयपुर जोन में 38.35 प्रतिशत और भरतपुर जोन में 35.71 प्रतिशत पानी दर्ज किया गया है। प्रदेश के कुल 693 बांधों की वर्तमान स्थिति देखें तो 223 बांध पूरी तरह खाली पड़े हैं, 454 बांध आंशिक रूप से भरे हैं और केवल 16 बांध ही पूरी तरह भर पाए हैं।

ये भी पढ़ें- 'मस्त हाथी की तरह चलता हूं, पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं'; किरोड़ीलाल मीणा ने किसे सुनाई खरी-खरी?

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प्रमुख बांधों का जलस्तर

10 अगस्त तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख बड़े बांधों में जलस्तर की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। कोटा बैराज में सबसे ज्यादा 96.43 प्रतिशत जलभराव दर्ज हुआ है। इसके अतिरिक्त जवाहर सागर बांध में 70.96 प्रतिशत और राणा प्रताप सागर बांध में 67.23 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। राजधानी जयपुर समेत अन्य क्षेत्रों की जल आपूर्ति से जुड़े प्रमुख बीसलपुर बांध में इस समय 65.07 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।

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कोटा संभाग में जलभराव की स्थिति सबसे बेहतर

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटा संभाग में जलभराव की स्थिति सबसे बेहतर है। कोटा जोन के बांधों में सर्वाधिक 62.74 प्रतिशत पानी मौजूद है। इसके विपरीत, जोधपुर जोन के बांधों में सबसे कम 18.49 प्रतिशत पानी ही बचा है। अन्य संभागों में बांसवाड़ा जोन 51.06 प्रतिशत जलभराव के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि जयपुर जोन में 48.88 प्रतिशत, उदयपुर जोन में 38.35 प्रतिशत और भरतपुर जोन में 35.71 प्रतिशत पानी दर्ज किया गया है। प्रदेश के कुल 693 बांधों की वर्तमान स्थिति देखें तो 223 बांध पूरी तरह खाली पड़े हैं, 454 बांध आंशिक रूप से भरे हैं और केवल 16 बांध ही पूरी तरह भर पाए हैं।

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प्रमुख बांधों का जलस्तर

10 अगस्त तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख बड़े बांधों में जलस्तर की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। कोटा बैराज में सबसे ज्यादा 96.43 प्रतिशत जलभराव दर्ज हुआ है। इसके अतिरिक्त जवाहर सागर बांध में 70.96 प्रतिशत और राणा प्रताप सागर बांध में 67.23 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। राजधानी जयपुर समेत अन्य क्षेत्रों की जल आपूर्ति से जुड़े प्रमुख बीसलपुर बांध में इस समय 65.07 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।

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