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केकड़ी अस्पताल में दो बच्चे ब्रुसेलोसिस पॉजिटिव: कच्चे दूध-मांस से फैलती है बीमारी, बेहतर इलाज को अजमेर-जयपुर रेफर - kekri News

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Dainik Bhaskar के अनुसार9 अगस्त 2026 को 09:15 am बजे
केकड़ी अस्पताल में दो बच्चे ब्रुसेलोसिस पॉजिटिव:  कच्चे दूध-मांस से फैलती है बीमारी, बेहतर इलाज को अजमेर-जयपुर रेफर - kekri News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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केकड़ी अस्पताल में दो बच्चे ब्रुसेलोसिस पॉजिटिव:कच्चे दूध-मांस से फैलती है बीमारी, बेहतर इलाज को अजमेर-जयपुर रेफर

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केकड़ी जिला अस्पताल में लंबे समय से बुखार से पीड़ित दो बच्चों में ब्रुसेलोसिस संक्रमण की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दोनों बच्चों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। इनमें से एक बच्चे को अजमेर और दूसरे को जयपुर भेजा गया।

केकड़ी जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. राजेंद्र मौर्य ने बताया कि ब्रुसेलोसिस एक जूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आमतौर पर जानलेवा नहीं होती, लेकिन लंबे समय तक बुखार रहने पर इसकी जांच आवश्यक है।

संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने से फैलती है बीमारी

डॉ. मौर्य के अनुसार, कच्चे दूध का सेवन, अधपका मांस खाना और संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आना इस बीमारी के संक्रमण का कारण बन सकता है। इसका मुख्य लक्षण लंबे समय तक रहने वाला बुखार है, जो सामान्य एंटीबायोटिक्स दवाओं से ठीक नहीं होता।

उन्होंने यह भी सलाह दी कि यदि किसी मरीज को लंबे समय से बुखार है और उसके संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने का इतिहास रहा है, तो चिकित्सकों को ब्रुसेलोसिस की संभावना पर विचार करते हुए आवश्यक जांच करवानी चाहिए।

डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह

पीएमओ डॉ. मौर्य ने आम जनता से अपील की है कि लंबे समय तक बुखार रहने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें। विशेष रूप से पशुओं के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों को लगातार बुखार होने की स्थिति में ब्रुसेलोसिस की जांच के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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