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राजस्थान: विधानसभा सत्र शुरू से पहले सर्वदलीय बैठकें - क्या है इसके फायदे?

राजस्थान में विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। जानें कि ये बैठकें लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने और सदन कार्यवाही में सभी दलों की सहभागिता सुनिश्चित करने का माध्यम है।

Navbharat Times के अनुसार6 अगस्त 2026 को 04:16 am बजे
राजस्थान: विधानसभा सत्र शुरू से पहले सर्वदलीय बैठकें - क्या है इसके फायदे?

सौजन्य से:- Navbharat Times

मुख्यमंत्री सहित इन प्रतिनिधियों को किया गया आमंत्रित

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया है कि बैठक में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, मुख्य सचेतक प्रतिपक्ष रफीक खान, विधायक डॉ. सुभाष गर्ग, मनोज कुमार और थावर चंद को आमंत्रित किया गया है। इसके लिए विधान सभा सचिवालय की ओर से सभी को पत्र भेजे गये हैं।लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम है सर्वदलीय बैठक

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि सर्वदलीय बैठक लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। इससे सदन की कार्यवाही में सभी दलों की सहभागिता सुनिश्चित होती है और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा का मार्ग प्रशस्त होता है। देवनानी ने कहा कि सर्वदलीय बैठक, विधान सभा सत्र शांतिपूर्ण चलने पर सभी दलों की सहमति का सार्थक एवं महत्वपूर्ण कदम है।सदन गरिमा बनाए रखना सभी का दायित्व

स्पीकर देवनानी ने कहा कि सदन जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने का पवित्र स्थल है। इस स्थल की गरिमा को बनाए रखना सभी दलों के विधायकों की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। सदन को शांतिपूर्ण चलाने में सर्वदलीय बैठक अहम कदम है। सर्वदलीय बैठकों की परंपरा लोकतांत्रिक संवाद और संसदीय समन्वय को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम रही है। सर्वदलीय बैठकों से आपसी संवाद, विश्वास और सहयोग की भावना को बल मिलता है, जिससे विधानसभा जन अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख भूमिका निभाने में सक्षम होती है।ये पांच मंत्री देंगे मुख्यमंत्री के अधीन वाले विभागों से जुड़े सवालों के जवाब

सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के छठे सत्र में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अधीन विभागों से जुड़े सवालों के जवाब के लिए अलग अलग मंत्रियों के नाम तय किए गए हैं। पांच मंत्रियों को अलग अलग विभागों के जवाब देने की जिम्मेदारी दी गई है।मुख्यमंत्री के विभागों का ये मंत्री देंगे जवाब

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी को 3 विभागों की जिम्मेदारी1. आयोजना विभाग

2. आयोजना (जनशक्ति) विभाग

3. सांख्यिकी विभाग

मंत्री गजेंद्र सिंह को दिया 8 विभागों का जिम्मा

1. खान एवं पेट्रोलियम विभाग2. मत्स्य विभाग

3. राजकीय उपक्रम विभाग

4. अप्रवासी भारतीय विभाग

5. कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता विभाग

6. इंदिरा गांधी नहर विभाग

7. आबकारी विभाग

8.. कराधान विभाग

मंत्री जोगाराम पटेल देंगे 10 विभागों से जुड़े सवालों के जवाब

1. कार्मिक विभाग2. नीति निर्धारण प्रकोष्ठ मुख्यमंत्री सचिवालय

3. प्रशासनिक सुधार और समन्वय विभाग

4.. सामान्य प्रशासन विभाग

5. सम्पदा विभाग

6. निर्वाचन विभाग

7. मंत्रिमंडल सचिवालय

8. राजस्थान स्टेट मोटर गैराज विभाग

9. मुद्रण और लेखन सामग्री विभाग

10. भाषा एवं पुस्तकालय विभाग

मंत्री सुमित गोदारा को दी गई 6 विभागों की जिम्मेदारी

1. सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग2. शांति एवं अहिंसा विभाग

3. कृषि विपणन विभाग

4. अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग

5. श्रम विभाग

6. कारखाना और बायलर्स निरीक्षण

3 विभागों का जिम्मा गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम कोदिया

1. गृह विभाग2. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो

3. जेल विभाग

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