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इंस्टाग्राम की 'राजनीति' में कौन आगे? राजस्थान की सियासत का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड, मंत्री राज्यवर्धन सिंह के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स

इंस्टाग्राम की 'राजनीति' में कौन आगे? राजस्थान की सियासत का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड, मंत्री राज्यवर्धन सिंह के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हाल में ज़ेन जी आंदोलन के बाद इंस्टाग्राम पर नेताओं की मौजूदगी के असर की चर्चा तेज होने लगी…

ETV Bharat के अनुसार29 जुलाई 2026 को 07:27 am बजे
इंस्टाग्राम की 'राजनीति' में कौन आगे? राजस्थान की सियासत का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड, मंत्री राज्यवर्धन सिंह के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स

सौजन्य से:- ETV Bharat

इंस्टाग्राम की 'राजनीति' में कौन आगे? राजस्थान की सियासत का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड, मंत्री राज्यवर्धन सिंह के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स

हाल में ज़ेन जी आंदोलन के बाद इंस्टाग्राम पर नेताओं की मौजूदगी के असर की चर्चा तेज होने लगी है.

Published : July 29, 2026 at 7:44 AM IST

जयपुर : नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर चले देशव्यापी अभियान और युवाओं की डिजिटल सक्रियता ने एक बार फिर यह साबित किया कि आज राजनीतिक विमर्श का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर ही तय हो रहा है. यही वजह है कि अब नेताओं की लोकप्रियता केवल जनसभाओं या चुनावी रैलियों से नहीं, बल्कि उनके डिजिटल प्रभाव और सोशल मीडिया एंगेजमेंट से भी आंकी जा रही है.

जाहिर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से सोशल मीडिया को केवल प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि जनता से सीधे संवाद का सबसे प्रभावी प्लेटफॉर्म बताते रहे हैं. जंतर मंतर पर हुए आंदोलन के बाद देशभर में उद्वेलित युवाओं की स्थिति को देखते हुए केन्द्रीय कैबिनेट बैठक में नेताओं के लिए इंस्टाग्राम पर प्रभावी मौजूदगी को लेकर भी बातचीत हुई थी. इसके बाद भाजपा संगठन और सरकार के स्तर पर भी नेताओं को इंस्टाग्राम, रील्स और शॉर्ट वीडियो के जरिए युवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है.

राजस्थान में इंस्टा पॉलिटिक्स बड़ी रोचक : राजस्थान की राजनीति पर नजर डालें तो इंस्टाग्राम के आंकड़े एक बेहद दिलचस्प तस्वीर पेश करते हैं. कुछ नेता सोशल मीडिया पर लाखों लोगों तक अपनी पहुंच बना चुके हैं, जबकि राज्य मंत्रिमंडल के आधे से अधिक मंत्री ऐसे हैं जो अभी तक 50 हजार फॉलोअर्स का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए हैं. इससे साफ संकेत मिलता है कि प्रदेश की राजनीति में डिजिटल मौजूदगी अभी भी बेहद असमान है.

राजस्थान सरकार के उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ इंस्टाग्राम पर सबसे लोकप्रिय मंत्री के रूप में सामने आते हैं. उनके करीब 19 लाख फॉलोअर्स हैं, जो प्रदेश के किसी भी मंत्री से सबसे अधिक हैं. सेना, खेल और राष्ट्रीय स्तर की पहचान के कारण उनकी सोशल मीडिया पहुंच लगातार मजबूत बनी हुई है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगभग 12 लाख फॉलोअर्स के साथ दूसरे स्थान पर हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी डिजिटल मौजूदगी में लगातार वृद्धि हुई है और सरकारी कार्यक्रमों, योजनाओं तथा जनसंवाद से जुड़े वीडियो नियमित रूप से साझा किए जा रहे हैं.

गहलोत से ज्यादा फॉलोअर्स पायलट के : विपक्ष की ओर से पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी लगभग 12 लाख फॉलोअर्स के साथ मुख्यमंत्री के बराबर मजबूत डिजिटल पकड़ बनाए हुए हैं. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 11 लाख और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 10 लाख फॉलोअर्स के साथ प्रदेश के सबसे प्रभावशाली डिजिटल नेताओं में शामिल हैं. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के करीब 7.39 लाख फॉलोअर्स हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा 3.61 लाख और कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा 3.12 लाख फॉलोअर्स के साथ अच्छी डिजिटल मौजूदगी रखते हैं. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के लगभग 2.08 लाख फॉलोअर्स हैं.

आधे से ज्यादा मंत्री 50 हजार फॉलोअर्स से नीचे : राजस्थान मंत्रिमंडल के आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश मंत्री अभी सोशल मीडिया पर मजबूत पहचान बनाने में पीछे हैं. ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी के 1.80 लाख, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के 1.08 लाख और उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई के 1.07 लाख फॉलोअर्स हैं. सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत के 82 हजार, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के 60 हजार और विधि मंत्री जोगाराम पटेल के 51 हजार फॉलोअर्स हैं.

चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर 50 हजार के आसपास हैं, जबकि गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, सहकारिता मंत्री गौतम दक, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सैनिक कल्याण मंत्री विजय सिंह चौधरी और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स 50 हजार से भी कम हैं. यह स्थिति बताती है कि सरकार के कई मंत्री अभी भी सोशल मीडिया की नई राजनीति में अपेक्षित स्तर तक सक्रिय नहीं हो पाए हैं.

विपक्ष के बड़े चेहरे अब भी डिजिटल रूप से मजबूत : इंस्टाग्राम पर कांग्रेस के दो सबसे बड़े चेहरे अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मजबूत मौजूदगी बरकरार है. दोनों नेताओं के लाखों फॉलोअर्स हैं और उनकी पोस्ट और वीडियो लगातार बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचते हैं. प्रदेश अध्यक्षों की तुलना करें तो कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के करीब 4.34 लाख फॉलोअर्स हैं. इसके मुकाबले भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के केवल 49 हजार फॉलोअर्स हैं. हालांकि, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी (2.3 लाख) और डॉ. सतीश पूनिया (1.93 लाख) की डिजिटल पहुंच अपेक्षाकृत बेहतर दिखाई देती है.

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यूथ ब्रिगेड में भी कांग्रेस को बढ़त : युवा संगठनों के नेताओं की तुलना में भी कांग्रेस आगे दिखाई देती है. यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया के करीब 1.28 लाख फॉलोअर्स हैं, जबकि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर गौरा के लगभग 56.8 हजार फॉलोअर्स हैं. यह अंतर युवाओं के बीच डिजिटल संवाद की दिशा को भी दर्शाता है.

केंद्रीय मंत्रियों से आगे क्षेत्रीय नेताओं की लोकप्रियता : राजस्थान से आने वाले केंद्रीय मंत्रियों में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के लगभग 3.63 लाख और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के करीब 3.07 लाख फॉलोअर्स हैं. केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी के लगभग 60 हजार फॉलोअर्स हैं. दिलचस्प बात यह है कि क्षेत्रीय राजनीति करने वाले नेताओं की डिजिटल लोकप्रियता कई केंद्रीय मंत्रियों से कहीं अधिक दिखाई देती है. नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं. वहीं, भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत के लगभग 6.52 लाख फॉलोअर्स हैं. सीकर सांसद अमराराम के करीब 42.8 हजार फॉलोअर्स दर्ज किए गए हैं.

रील्स की राजनीति क्यों हो रही है अहम ? : राजनीतिक विश्लेषक श्याम सुंदर शर्मा का मानना है कि इंस्टाग्राम अब केवल फोटो साझा करने का मंच नहीं रह गया है. रील्स, शॉर्ट वीडियो और लाइव इंटरैक्शन के जरिए नेता सीधे युवाओं तक पहुंच रहे हैं. 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की बड़ी संख्या इंस्टाग्राम पर सक्रिय है. ऐसे में चुनावी राजनीति में यह प्लेटफॉर्म तेजी से प्रभावी होता जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लगातार रील्स, शॉर्ट वीडियो और अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट का उपयोग कर रहे हैं. भाजपा संगठन भी नेताओं को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह देता रहा है. दूसरी ओर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी अपनी डिजिटल रणनीति को लगातार मजबूत कर रहे हैं.

क्या कहते हैं ये आंकड़े ? : राजस्थान के इंस्टाग्राम आंकड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया की राजनीति में लोकप्रियता केवल पद से तय नहीं होती. कई पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता आज भी डिजिटल रूप से बेहद मजबूत हैं, जबकि सरकार के कई मंत्री अभी अपनी ऑनलाइन पहचान बनाने की शुरुआत में हैं. आने वाले समय में जैसे-जैसे चुनावी राजनीति और युवा मतदाता डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय होंगे, वैसे-वैसे इंस्टाग्राम, रील्स और सोशल मीडिया एंगेजमेंट नेताओं की राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा बनते जाएंगे. ऐसे में यह डिजिटल रिपोर्ट कार्ड केवल फॉलोअर्स की संख्या नहीं, बल्कि नेताओं की ऑनलाइन पहुंच, जनसंवाद और भविष्य की राजनीतिक तैयारी का भी संकेत माना जा रहा है.

इंस्टा पॉलिटिकल अपीयरेंस पर बोला यूथ : जयपुर की छात्रा मानसी ने बताया कि ज्यादातर लोग इंस्टा के जरिए अपना पॉइंट ऑफ व्यू रखते हैं, लेकिन 30 सेकंड की रील इसके लिए काफी नहीं है. इसके बावजूद प्रधानमंत्री की हाल में मौजूदगी ने दिखाया कि इसका असर किस तरह से एक आंदोलन की समाप्ति तक पहुंचा. बतौर जेन जी उन्होंने माना कि इंस्टा इनफ्लुएंस काफी हद तक करता है. वहीं, एक और छात्रा जिया ने बताया कि हाल के प्रोटेस्ट में घर बैठने के बावजूद इंस्टा के जरिए न सिर्फ वह अपडेट रही बल्कि अपनी मौजूदगी भी दर्ज कराई. उनका कहना है कि इंस्टाग्राम पर आने वाली रील राजनीतिक पॉइंट ऑफ व्यू भी तय करती है.

जयपुर निवासी नितेश ने बताया कि ज्यादातर ब्लॉगर्स और इनफ्लुएंसर्स इन दिनों अपने विचार प्रभावी रूप से रखने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसीलिए वह मानते हैं कि नेताओं को इस प्लेटफार्म का ठीक से इस्तेमाल करना चाहिए. इसका सबसे बड़ा उदाहरण उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बनाई गई रील को मिले व्यूज को बताया. एक और जयपुर निवासी अरविंद सिंह ने कहा कि इंस्टाग्राम नेताओं के लिए जनता से जोड़ने का अच्छा माध्यम है. इसे सशक्त और सूचना परक बनाया जाना जरूरी है. महेश कुमार ने कहा कि इंस्टाग्राम के जरिए सरकार को विचारों को आदान-प्रदान करना चाहिए, जिसमें अपनी राय रखने के साथ-साथ जनता से जुड़े विचार भी हासिल करने चाहिए.

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राजस्थान सरकार के मंत्रियों के इंस्टाग्राम फॉलोअर : ओटाराम देवासी (ग्रामीण विकास राज्य मंत्री) 1.80 लाख, मदन दिलावर (शिक्षा मंत्री) 1.08 लाख, केके. विश्नोई (उद्योग राज्य मंत्री) 1.07 लाख, अविनाश गहलोत (सामाजिक न्याय) 82 हजार, सुरेश सिंह रावत (जल संसाधन मंत्री) 60 हजार, जोगाराम पटेल (विधि मंत्री) 51 हजार, गजेन्द्र सिंह खींवसर (चिकित्सा मंत्री) 50 हजार, जोराराम कुमावत (गोपालन मंत्री) 43 हजार, गौतम दक (सहकारिता मंत्री) 43 हजार की संख्या में इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं.

वहीं, बाबूलाल खराड़ी (जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री) 38 हजार, हीरालाल नागर (ऊर्जा मंत्री)38 हजार, सुमित गोदारा (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री) 30 हजार, कन्हैयालाल चौधरी (जलदाय मंत्री) 27 हजार, संजय शर्मा (वन एवं पर्यावरण मंत्री) 25 हजार, जवाहर सिंह बेढ़म (गृह राज्य मंत्री) 25 हजार, झाबर सिंह खर्रा (नगरीय विकास मंत्री) 18 हजार, हेमंत मीणा (राजस्व मंत्री) 13 हजार, विजय सिंह चौधरी (सैनिक कल्याण मंत्री) 11 हजार, डॉ. मंजू बाघमार (महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री) 8,493 हजार की संख्या में इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं.

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