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चूरू में मूसलाधार बारिश, अस्पताल में घुसा पानी: रास्ते हुए बंद, दीवार के ऊपर से ले गए मरीज; सवाई माधोपुर में झरने बहे - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार30 जुलाई 2026 को 01:38 pm बजे
चूरू में मूसलाधार बारिश, अस्पताल में घुसा पानी:  रास्ते हुए बंद, दीवार के ऊपर से ले गए मरीज; सवाई माधोपुर में झरने बहे - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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चूरू में मूसलाधार बारिश, अस्पताल में घुसा पानी:रास्ते हुए बंद, दीवार के ऊपर से ले गए मरीज; सवाई माधोपुर में झरने बहे

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सावन के पहले दिन राजस्थान के कई शहरों में बारिश हुई। चूरू, जयपुर, सवाई माधोपुर सहित कई जिलों के अलग-अलग हिस्सों में पानी बरसा। चूरू के राजलदेसर में मूसलाधार बारिश से मुख्य बाजार, रिहायशी इलाकों और सरकारी अस्पताल में पानी भर गया। अस्पताल के उपकरणों और

जयपुर के चौमूं में तेज बारिश के कारण सड़कें डूब गईं। लगातार बारिश के कारण सवाई माधोपुर के रणथंभौर में झरने बहने लगे। मौसम विभाग के अनुसार- बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन सिस्टम के असर 2 अगस्त तक तेज बारिश होगी।

350 साल पुरानी परंपरा से सामान्य से ज्यादा बारिश का दावा नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में गुरुवार को 350 साल से ज्यादा पुरानी आषाढ़ी तौल परंपरा के आधार पर इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश का दावा किया गया। परंपरा के तहत मंदिर के खर्च भंडार में 27 तरह की सामग्री अलग-अलग छोटी मटकी में रखी जाती हैं।

इनमें मूंग हरा, मक्की सफेद, बाजरा, ज्वार, तिल्ली सफेद, उड़द, मोठ, ग्वार, गेहूं चन्द्रेसी, चना पीला, सरसों पीली, गुड़, नमक, घास आदि शामिल हैं। सभी मटकी को तौलकर बंद कर दिया जाता है। 24 घंटे के बाद इन सभी मटकी को खोला जाता है और दोबारा तौला जाता है। पहले और दूसरे दिन के वजन की तुलना की जाती है। (पूरी खबर पढ़ें)

मानसून के बड़े अपडेट्स

पिछले 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश: सबसे ज्यादा बारिश प्रतापगढ़ जिले में 40 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा दौसा के बांदीकुई में 36 मिमी, बैजूपाड़ा में 23 मिमी, अलवर के टहला में 20 मिमी और मालाखेड़ा में 15 मिमी बारिश हुई। वहीं बारां, भीलवाड़ा, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।

कमजोर होकर 'डिप्रेशन' में बदला सिस्टम: जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- पूर्वी भारत के ऊपर बना 'डीप डिप्रेशन' सिस्टम कमजोर होकर 'डिप्रेशन' में तब्दील हो गया है। वर्तमान में यह सिस्टम उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उससे सटे छत्तीसगढ़ क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है। आगामी 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की संभावना है।

अतिभारी बारिश की आशंका: इस सिस्टम के असर से पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग के ज्यादातर भागों में आगामी 5-6 दिन मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश इलाकों में मध्यम से तेज और कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

श्रीगंगानगर में पारा 40 डिग्री पार: दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, बीकानेर और चूरू के आसपास तापमान अधिक होने से गर्मी व उमस का असर बरकरार है। बुधवार को श्रीगंगानगर में दिन का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बीकानेर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री रहा।

राजस्थान के मौसम की PHOTO…

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