सोनम वांगचुक के पैटर्न में पुलिस ने अनशन से उठाया! राजस्थान यूनिवर्सिटी में जानें क्यों मचा हंगामा
राजस्थथान यूनिवर्सिटी में 8 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को आज पुलिस ने जबरन धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करवाया है। जयपुर: दिल्ली में बीते दिनों जंतर मंतर पर शिक्षा में सुधार…

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थथान यूनिवर्सिटी में 8 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को आज पुलिस ने जबरन धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करवाया है।
जयपुर: दिल्ली में बीते दिनों जंतर मंतर पर शिक्षा में सुधार को लेकर हुए आंदोलन और सोनम वांगचुक की ओर से किए गए अनशन सुर्खियों में रहा। इस दौरान वांगचुक को पुलिस ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करवाया। कुछ ऐसा ही नजारा आज राजस्थान यूनिवर्सिटी में देखने को मिला। यहां पिछले 8 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को पुलिस ने जबरन अनशन स्थल से उठा ले गई। 30 जुलाई 2026 की सुबह विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल पहुंचा। यहां रेवाड़ के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें वहां से हटाकर सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में अनशन जारी रखेंगे रेवाड़
इधर, पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। उधर, SMS अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती शुभम रेवाड़ ने कहा कि उनका संकल्प पहले की तरह अडिग है। रेवाड़ का कहना है कि वो अस्पताल में भी अपना अनशन जारी रखेंगे। अन्न ग्रहण करेंगे।
सरकार जायज मांगों का समाधान निकालने के बजाय पुलिस के जरिए आंदोलन कमजोर करना चाहती है। जब तक राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और छात्रसंघ चुनाव बहाली का स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक मैं अस्पताल में भी अन्न ग्रहण नहीं करूंगा।
शुभम रेवाड़, राजस्थान यूनिवर्सिटी, छात्रनेता
प्रशासन का पक्ष
दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि छात्र नेता के लगातार गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
फिलहाल शुभम रेवाड़ अस्पताल में चिकित्सीय निगरानी में हैं, वहीं विश्वविद्यालय परिसर में छात्र समर्थकों ने सत्याग्रह आगे भी जारी रखने का ऐलान किया है।
जानिए क्या है छात्र नेता और समर्थकों की मांग बीते एक सप्ताह से ज्यादा समय से अनशन कर रहे शुभम रेवाड ने विश्वविद्यालय में अपनी दो प्रमुख मांगों को रखा है, जो इस प्रकार है। राजस्थानी भाषा विभाग: राजस्थान विश्वविद्यालय में पृथक राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना कर न्यूनतम शुल्क पर पढ़ाई शुरू कराई जाए।
छात्रसंघ चुनाव की बहाली: पिछले चार वर्षों से बंद पड़े छात्रसंघ चुनावों को तुरंत प्रभाव से पुनः शुरू किया जाए।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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