छात्रसंघ चुनाव: पुलिस कार्रवाई पर छात्रों का विरोध
राजस्थान यूनिवर्सिटी में आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को पुलिस ने हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। छात्र समर्थकों ने इसे आंदोलन दबाने की कोशिश बताया।

सौजन्य से:- Amar Ujala
RU में बवाल: छात्रसंघ चुनाव को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र शुभम को पुलिस उठाकर ले गई, SMS में कराया भर्ती
Rajasthan: शुभम रेवाड़ को बिगड़ती तबीयत के चलते पुलिस और प्रशासन ने राजस्थान यूनिवर्सिटी के अनशन स्थल से हटाकर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया है। कार्रवाई का छात्रों ने विरोध किया है।
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विस्तार
राजस्थान यूनिवर्सिटी में पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को पुलिस और प्रशासन ने अनशन स्थल से हटाकर सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया और छात्र समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शुभम रेवाड़ राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हुए थे। उनकी लगातार बिगड़ती तबीयत को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम सुबह अनशन स्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया।
मौके पर मौजूद समर्थकों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिस ने शुभम रेवाड़ को एंबुलेंस के माध्यम से एसएमएस अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
पढ़ें: छात्रसंघ चुनाव को लेकर NSUI का प्रदर्शन: गहलोत-पायलट बोले- सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की असंवेदनशीलता है
पुलिस कार्रवाई के बाद छात्र समर्थकों ने इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर संवाद करने के बजाय आंदोलन खत्म कराने का प्रयास कर रही है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि शुभम रेवाड़ को अस्पताल ले जाने से आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और उनकी मांगों को लेकर सत्याग्रह आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल शुभम रेवाड़ एसएमएस अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती हैं, जबकि राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में छात्र समर्थकों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
टीकाराम जूली ने विरोध जताया?
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने तथा राजस्थानी भाषा के नियमित विभाग की स्थापना की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्हें पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय है। वहीं, इन्हीं मांगों को लेकर छात्र नेता वियोना जाट, विजयपाल कुड़ी एवं कौशन खान पानी की टंकी पर चढ़कर आंदोलन कर रहे हैं और युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी और राजस्थानी भाषा के सम्मान की आवाज़ उठा रहे है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन इनसे सार्थक संवाद करने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ़ है। मैं राज्य सरकार से मांग करता हूँ कि इस संवेदनशील मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर संवाद के माध्यम से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने तथा राजस्थानी भाषा के नियमित विभाग की स्थापना की दिशा में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने तथा राजस्थानी भाषा के नियमित विभाग की स्थापना की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्हें पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय है।
वहीं, इन्हीं मांगों को लेकर छात्र नेता वियोना जाट, विजयपाल… — Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) July 30, 2026
राज्यपाल के निर्देश के बाद तेज हुआ मुद्दा
हाल ही में राजस्थानी भाषा को लेकर चल रही बहस के बीच राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसी बीच आंदोलनकारी छात्र यह मांग भी उठा रहे हैं कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल किए जाएं।
हालांकि प्रशासन की ओर से शुभम रेवाड़ को अस्पताल ले जाने को स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया जा रहा है, जबकि आंदोलनकारी इसे उनके शांतिपूर्ण आंदोलन में हस्तक्षेप बता रहे हैं।
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